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Question
एक अभिक्रिया A के प्रति प्रथम तथा B के प्रति द्वितीय कोटि की है। A तथा B दोनों की सांद्रता दुगुनी करने से वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
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Solution
जब A और B दोनों की सांद्रता दोगुनी हो जाती है,
वेग = k(2a) (2b)2
= 8kab2
इसलिए, प्रतिक्रिया की दर 8 गुना बढ़ जाएगी।
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अभिक्रिया \[\ce{2A + B -> A2B}\] के लिए वेग = k[A][B]2 यहाँ k का मान 2.0 × 10−6 mol−2 L2 s−1 है। प्रारंभिक वेग की गणना कीजिए; जब [A] = 0.1 mol L−1 एवं [B] = 0.2 mol L−1 हो तथा अभिक्रिया वेग की गणना कीजिए; जब [A] घटकर 0.06 mol L−1 रह जाए।
अरेनिअस समीकरण के अनुसार `"Ae"^(−"E"_"a"//"RT")` अभिक्रिया दर स्थिरांक k के बराबर है। ln k और `1/"T"` के मध्य ग्राफ को निम्न विकल्पों में से किसके द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।
अभिक्रिया A + 2B ⟶ C के लिए निम्नलिखित वेग नियम प्राप्त होता है। बेग = k [A][B]
'A' की सांद्रता स्थिर रखते हुए अभिक्रियक 'B' की सांद्रता दुगनी करने पर वेग नियतांक का मान ______।
वेग नियम संतुलित रासायनिक समीकरण द्वारा निर्धारित नहीं किया जा सकता यदि ______।
- व्युत्क्रम अभिक्रिया सम्मिलित होती है।
- यह एक प्राथमिक अभिक्रिया हो।
- यह प्राथमिक अभिक्रियाओं की एक शृंखला है।
- कोई भी अभिक्रियक आधिक्य में हो।
एक जटिल अभिक्रिया के लिए ______।
- समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता के समान होती है।
- समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता से कम होती है।
- समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता से अधिक होती है।
- सबसे धीमे पद की आण्विकता कभी भी शून्य अथवा अपूर्णांक नहीं होती।
एक सक्रियत संकुल के विघटन के दौरान ______।
- ऊर्जा हमेशा निष्काषित होती है।
- ऊर्जा हमेशा अवशोषित होती है।
- ऊर्जा परिवर्तित नहीं होती।
- अभिक्रियक बन सकते हैं।
एक अभिक्रिया में यदि अभिक्रियक A की सांद्रता तिगुनी कर दी जाए तो अभिक्रिया वेग सत्ताइस गुना बढ़ जाता है। अभिक्रिया की कोटि क्या है?
निम्नलिखित का सुमेलन कीजिए-
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) हीरा (डायमण्ड) | (a) समय का लघु अंतराल |
| (ii) तार्क्षणिक वेग | b) सामान्यत: परिवर्तन का वेग परिलक्षित नहीं होता। |
| (iii) औसत वेग | (c) लंबी समयावधि |
अभिकथन - अर्रेनिअस समीकरण से सामान्य तथा जटिल अणुओं के लिए निर्धारित वेग स्थिरांक लगभग परिशुद्ध होते हैं।
तर्क - संघट्ट के समय अभिक्रियक अणुओं का कोई भी अभिविन्यास होने पर भी रासायनिक परिवर्तन हो जाता है।
किसी अभिक्रियक के लिए एक अभिक्रिया द्वितीय कोटि की है। अभिक्रिया का वेग कैसे प्रभावित होगा, यदि अभिक्रियक की सांद्रता आधी कर दी जाए?
