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E^Θ पद का मान जितना अधिक धनात्मक होता है, स्पीशीज़ की अपचित होने की प्रवृत्ति उतनी ही अधिक होती है। निम्नलिखित रेडॉक्स युगलों के मानक इलैक्ट्रोड विभव के आधार पर ज्ञात

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Question

EΘ पद का मान जितना अधिक धनात्मक होता है, स्पीशीज़ की अपचित होने की प्रवृत्ति उतनी ही अधिक होती है। निम्नलिखित रेडॉक्स युगलों के मानक इलैक्ट्रोड विभव के आधार पर ज्ञात कीजिए कि इनमें से कौन-सा प्रबलतम ऑक्सीकरण कर्मक है?

EΘ मान - Fe3+/Fe2+ = +0.77; I2(s)/I = +0.54;

Cu2+/Cu = +0.34; Ag+/Ag = +0.80 V

Options

  • Fe3+

  • I2(s)

  • Cu2+

  • Ag+

MCQ
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Solution

Ag+

स्पष्टीकरण:

EΘ (मानक अपचयन विभव) का मान जितना अधिक धनात्मक (+) होता है, उस स्पीशीज़ की अपचय होने की प्रवृत्ति उतनी अधिक होती है। इसलिए उसके ऑक्सीकरण होने की प्रवृत्ति सबसे कम होती है।

दिए गए E° मान:

Fe3+/Fe2+ = +0.77

I2(s)/I = +0.54

Cu2+/Cu = +0.34

Ag+/Ag = +0.80 V

इनमें Ag+/Ag का E° सबसे अधिक (+0.80 V) है।

अतः Ag⁺ की अपचय होने की प्रवृत्ति सबसे अधिक तथा ऑक्सीकरण होने की प्रवृत्ति सबसे कम है।

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Chapter 8: अपचयोपचय अभिक्रियाएँ - अभ्यास [Page 104]

APPEARS IN

NCERT Rasayan Vigyaan Exemplar [Hindi] Class 11
Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
अभ्यास | Q 2. | Page 104
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