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Question
“दूर फ़िरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी”
उपर्युक्त पंक्ति में ‘दृढ़ निश्चय करने’ के अर्थ को व्यक्त करने के लिए ‘मन में ठान लेना’ वाक्यांश का प्रयोग हुआ है जो एक मुहावरा है। ‘मुहावरे’ ऐसे वाक्यांश होते हैं जो अपने शाब्दिक अर्थ से भिन्न एक विशेष और लाक्षणिक अर्थ व्यक्त करते हैं। इनके प्रयोग से भाषा में सौंदर्य और प्रभाव उत्पन्न होता है।
पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। उन पंक्तियों में आए मुहावरे ढूँढ़कर लिखिए और उन मुहावरों का प्रयोग करते हुए नए वाक्य भी बनाइए। आपकी सुविधा के लिए एक उदाहरण दिया गया है।
| काव्य पंक्ति | प्रयुक्त मुहावरा | नया वाक्य | |
| 1. | अबके जनरल स्मिथ सन्मुख था, उसने मुँह की खाई थी | मुँह की खाना | मोहन ने सोचा था कि वह आसानी से जीत जाएगा लेकिन अंत में उसे मुँह की खानी पड़ी। |
| 2. | डलहौजी ने पैर पसारे अब तो पलट गई काया | ||
| 3. | राजाओं नव्वाबों को भी उसने पैरों ठुकराया | ||
| 4. | हुआ यज्ञ प्रारंभ उन्हें तो/सोई ज्योति जगानी थी | ||
| 5. | मेरठ, कानपुर, पटना ने भारी धूम मचाई थी |
Complete the Table
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Solution
| काव्य पंक्ति | प्रयुक्त मुहावरा | नया वाक्य | |
| 1. | अबके जनरल स्मिथ सन्मुख था, उसने मुँह की खाई थी | मुँह की खाना | मोहन ने सोचा था कि वह आसानी से जीत जाएगा लेकिन अंत में उसे मुँह की खानी पड़ी। |
| 2. | डलहौजी ने पैर पसारे अब तो पलट गई काया | पैर पसारना | उस कंपनी ने अपना व्यापार देशभर में पैर पसार लिया है। |
| 3. | राजाओं नव्वाबों को भी उसने पैरों ठुकराया | पैरों ठुकराना | उसने लालच में आकर अपने सच्चे मित्रों को पैरों ठुकरा दिया। |
| 4. | हुआ यज्ञ प्रारंभ उन्हें तो/सोई ज्योति जगानी थी | ज्योति जगाना | गुरुजी ने विद्यार्थियों के मन में ज्ञान की ज्योति जगाई। |
| 5. | मेरठ, कानपुर, पटना ने भारी धूम मचाई थी | धूम मचाना | भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर धूम मचा दी। |
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