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Question
दो उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइए।
उपसहसंयोजन संख्या
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Solution
एक संकुल में धातु आयन की उपसहसंयोजन संख्या (CN) उससे आबंधित लिगन्डों के उन दाता परमाणुओं की संख्या के बराबर होती है, जो सीधे धातु आयन से जुड़े हों। उदाहरणार्थ, संकुल आयनों, [PtCl6]2− तथा [Ni(NH3)4]2+, में Pt तथा Ni की उपसहसंयोजन संख्या क्रमश: 6 तथा 4 हैं। इसी प्रकार संकुल आयनों, [Fe(C2O4)3]3− और [Co(en)3]3+, में Fe और Co दोनों की समन्वय संख्या 6 हैं क्योंकि C2O42− तथा en, (एथेन-1, 2-डाइऐमीन) द्विदंतुर लिगन्ड हैं।
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दो उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइए।
समन्वय समूह
निम्न संकुल में केंद्रीय धातु आयन की ऑक्सीकरण अवस्था, d-कक्षकों का अधिग्रहण एवं उपसहसंयोजन संख्या बतलाइए –
K3[Co(C2O4)3]
निम्न संकुल में केंद्रीय धातु आयन की ऑक्सीकरण अवस्था, d-कक्षकों का अधिग्रहण एवं उपसहसंयोजन संख्या बतलाइए –
[Mn(H2O)6]SO4
निम्नलिखित में सर्वाधिक स्थायी संकुल है –
0.1 mol CoCl3 (NH3)5 की AgNO3 के आधिक्य से अभिक्रिया कराने पर AgCl के 0.2 mol प्राप्त होते हैं। विलयन की चालकता ______ के समकक्ष होगी।
निम्नलिखित में से कौन-से संकुल होमोलेप्टिक हैं?
(i) [Co(NH3)6]3+
(ii) [Co(NH3)4Cl2]+
(iii) [Ni(CN)4]2–
(iv) [Ni(NH3)4Cl2]
एथेन-1, 2-डाइऐमीन के लिगंड की तरह व्यवहार के संबंध में सही कथन हैं-
(i) यह उदासीन लिगंड है।
(ii) यह द्विदंतुर लिगंड है।
(iii) यह कीलेटी लिगंड है।
(iv) यह एकदंतुर लिगंड है।
दो उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइए।
लिगन्ड
द्विदंतुर लिगन्ड से क्या तात्पर्य है?
द्विदंतुर लिगन्ड का दो उदाहरण दीजिए।
