Advertisements
Advertisements
Question
दिल के भोलेपन के साथ-साथ अक्खड़पन और जुझारूपन को भी बचाने की आवश्यकता पर क्यों बल दिया गया है?
Advertisements
Solution
दिल का भोलापन सच्चाई और ईमानदारी के लिए जरूरी है, परंतु हर समय भोलापन ठीक नहीं होता। भोलेपन का फायदा उठाने वालों के साथ अक्खड़पन दिखाना भी जरूरी है। अपनी बात को मनवाने के लिए अकड़ भी होनी चाहिए। साथ ही कर्म करने की प्रवृत्ति भी आवश्यक है। अत: कवयित्री भोलेपन, अक्खड़पन व जुझारूपन इन तीनों गुणों को बचाने की आवश्यकता पर बल देती है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
माटी का रंग प्रयोग करते हुए किस बात की ओर संकेत किया गया है?
भाषा में झारखंडीपन से क्या अभिप्राय है?
प्रस्तुत कविता आदिवासी समाज की किन बुराइयों की ओर संकेत करती है?
इस दौर में भी बचाने को बहुत कुछ बचा है - से क्या आशय है?
निम्नलिखित पंक्ति के काव्य-सौंदर्य को उद्घाटित कीजिए:
ठंडी होती दिनचर्या में,
जीवन की गर्माहट
निम्नलिखित पंक्ति के काव्य-सौंदर्य को उद्घाटित कीजिए:
थोड़ा-सा विश्वास
थोड़ा-सी उम्मीद
थोड़े-से सपने
आओ, मिलकर बचाएँ।
बस्तियों को शहर की किस आबो-हवा से बचाने की आवश्यकता है?
आप अपने शहर या बस्ती की किन चीज़ों को बचाना चाहेंगे?
आदिवासी समाज की वर्तमान स्थिति पर टिप्पणी करें।
