Advertisements
Advertisements
Question
बस्तियों को शहर की किस आबो-हवा से बचाने की आवश्यकता है?
Advertisements
Solution
बस्तियों को शहर की नग्नता व जड़ता से बचाने की जरूरत है। स्वभावगत, वेशभूषा व वनस्पति विहीन नग्नता से बचाने का प्रयास सामूहिक तौर पर हो सकता है। शहरी जिंदगी में उमंग, उत्साह व अपनेपन का अभाव होता है। शहर के लोग अलगाव भरी जिंदगी व्यतीत करते हैं।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
माटी का रंग प्रयोग करते हुए किस बात की ओर संकेत किया गया है?
भाषा में झारखंडीपन से क्या अभिप्राय है?
दिल के भोलेपन के साथ-साथ अक्खड़पन और जुझारूपन को भी बचाने की आवश्यकता पर क्यों बल दिया गया है?
प्रस्तुत कविता आदिवासी समाज की किन बुराइयों की ओर संकेत करती है?
इस दौर में भी बचाने को बहुत कुछ बचा है - से क्या आशय है?
निम्नलिखित पंक्ति के काव्य-सौंदर्य को उद्घाटित कीजिए:
ठंडी होती दिनचर्या में,
जीवन की गर्माहट
निम्नलिखित पंक्ति के काव्य-सौंदर्य को उद्घाटित कीजिए:
थोड़ा-सा विश्वास
थोड़ा-सी उम्मीद
थोड़े-से सपने
आओ, मिलकर बचाएँ।
आप अपने शहर या बस्ती की किन चीज़ों को बचाना चाहेंगे?
आदिवासी समाज की वर्तमान स्थिति पर टिप्पणी करें।
