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CuSO4 के विलयन को आयरन के पात्र में रखा गया। कुछ दिनों के पश्चात् आयरन के पात्र में बहुत से छिद्र पाये गए। अभिक्रियाशीलता के संदर्भ में कारण समझाइये। संबंधित से अभिक्रिया - Science (विज्ञान)

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Question

CuSO4 के विलयन को आयरन के पात्र में रखा गया। कुछ दिनों के पश्चात् आयरन के पात्र में बहुत से छिद्र पाये गए। अभिक्रियाशीलता के संदर्भ में कारण समझाइये। संबंधित से  अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।

Answer in Brief
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Solution

धातुओं की प्रतिक्रियाशीलता श्रृंखला के अनुसार, लोहा तांबे की तुलना में अधिक प्रतिक्रियाशील होता है और इसलिए तांबे को उसके नमक से विस्थापित कर सकता है। जब लोहे के बर्तन में कॉपर सल्फेट का घोल रखा जाता है, तो एक विस्थापन प्रतिक्रिया होती है और बर्तन से लोहा आयरन सल्फेट बनाने वाले घोल में आ जाता है और इस तरह बर्तन में छेद बन जाते हैं।

`"CuSO"_4("aq") + "Fe"("s") -> "FeSO"_4("aq") + "Cu"("s")`

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धातुओं के रासायनिक गुणधर्म
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Chapter 3: धातु एवं अधातु - Exemplar [Page 26]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Science [Hindi] Class 10
Chapter 3 धातु एवं अधातु
Exemplar | Q 58. | Page 26

RELATED QUESTIONS

वैज्ञानिक कारण लिखिए।

हरी परत जमे हुए तांबे के बर्तन साफ करने के लिए नींबू या इमली का उपयोग करते हैं। 


उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं?


तीन चिन्हित परखनलियों A, B तथा C में क्रमशः सांद्र HCl, सांद्र HNO3 तथा सांद्र HCl एवं सांद्र HNO3 का 3 : 1 में मिश्रण (प्रत्येक के 2 mL) लिए गये। प्रत्येक परखनली में धातु का एक छोटा टुकड़ा डाला गया। परखनली A तथा B में कोई परिवर्तन नहीं हुआ परंतु परखनली C में धातु घुल गई। धातु हो सकती है - 


जिंक के विदयुत परिष्करण के दौरान यह ______ 


धातुएँ सामान्यतः क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं। निम्नलिखित में से कौन सी धातु एक उभयधर्मी ऑक्साइड बनाती है?


इकबाल ने चमकीले द्विसंयोजी तत्व M की अभिक्रिया सोडियम हाइड्रॉक्साइड से की उसने अभिक्रिया मिश्रण में बुलबुलों को बनते देखा। जब इसी तत्व की क्रिया हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से की तो उसे समान प्रेक्षण प्राप्त हुए सुझाव दीजिए कि वह बनी हुई गैस की पहचान कैसे करेगा? दोनों अभिक्रियाओं के लिए रासायनिक समीकरण लिखिए। 


धातुओं के निष्कर्षण में विद्युत अपघटनी परिष्करण का उपयोग शुद्ध धातुओं को प्राप्त करने में किया जाता है।

(अ) इस प्रक्रम द्वारा सिल्वर धातु को शुद्ध अवस्था में प्राप्त करने के लिए कौन-से पदार्थ के कैथोड व ऐनोड काम में लिए जाते हैं।

(ब) एक उपयुक्त विद्युत अपघट्य का भी सुझाव दीजिए।

(स) इस विद्युत अपघटनी सेल में विद्युतधारा प्रवाहित करने के उपरांत हमें शुद्ध सिल्वर कहाँ प्राप्त होगा? 


सोल्डर मिश्रातु के अवयव क्या हैं? सोल्डर का कौन-सा गुण इसे विद्युत के तारों की वेल्डिंग के लिए उपयुक्त बनाता है?


एक तत्व एक ऑक्साइड A2O3 बनाता है, जो कि अम्लीय प्रकृति का है। धातु अथवा अधातु के रूप में A को पहचानिए। 


कम तथा मध्यम क्रियाशीलता वाले धातुओं को उनके संगत सल्फाइड अयस्कों द्वारा निष्कर्षण से संबंधित पद दीजिए।


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