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चित्र रेखा पूँज (रैस्टर) एवं सदिश (वेक्टर) आंकड़ा फॉमेट को उदाहरण सहित समझाइए।

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Question

चित्र रेखा पूँज (रैस्टर) एवं सदिश (वेक्टर) आंकड़ा फॉमेट को उदाहरण सहित समझाइए।

Long Answer
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Solution

स्थानिक आंकड़ों का प्रदर्शन चित्र रेखा पूँज (रैस्टर) और सदिश (वैक्टर) फार्मेटों द्वारा होता है,

  • चित्र रेखा पुँज आंकड़ा फॉर्मेट – यह वर्गों के जाल के रूप में आंकड़ों का ग्राफी प्रदर्शन है, इसमें स्तंभों व पंक्तियों का जाल होता है जिसे ग्रिड (Grid) कहते हैं। एक स्तंभ व एक पंक्ति के भेदन स्थल को सेल (cell) कहते हैं। प्रत्येक सेल को एक स्थान दिया जाता है तथा उसके आधार पर ही इसका मूल्य निर्धारित किया जाता है। इसकी पंक्तियों व स्तंभों के निर्देशांक किसी भी व्यक्तिगत पिक्सेल (Pixel) की पहचान कर सकते हैं। आंकड़ों का यह प्रदर्शन प्रयोक्ता की प्रतिबिंब के पुनर्गठन अथवा दृश्यांकन में, सहायता करता है। सेलों के आकार तथा उनकी संख्या के बीच संबंध को चित्र रेखा पूँज (रैस्टर) के विभेदन के रूप में अभिव्यक्त किया जाता है। रैस्टर फार्मेट में आंकड़ों पर जाल या वर्ग के आकार के प्रभाव को स्पष्ट किया जाता है।

चित्ररेखा पूँज (रैस्टर) फाइल फॉर्मेटों का प्रयोग प्रायः निम्नक्रियाओं के लिए किया जाता है

  1. वायव फ़ोटोग्राफों, उपग्रहीय प्रतिबिंबों, क्रमवीक्षित कागजी मानचित्रों के आंकिक प्रदर्शन के लिए।
  2. जब लागत/कीमत को कम करना आवश्यक हो।
  3. जब मानचित्र में व्यक्तिगत मानचित्रीय लक्षणों का विश्लेषण आवश्यक हो।
  4. जब ‘बैकड्राप’ मानचित्रों की आवश्यकता हो।
  • सदिश ( वेक्टर) आँकड़ा फॉर्मेट – एक सदिश (वेक्टर) आंकड़ा फॉर्मेट अपने यथार्थ निर्देशांकों द्वारा भंडारित बिंदुओं का प्रयोग करता है। इसमें रेखाओं और क्षेत्रों का निर्माण बिंदुओं के अनुक्रम होता है। रेखाओं की दिशा बिंदुओं के क्रमण के अनुरूप होती हैं। बहुभुजों का निर्माण बिंदुओं अथवा रेखाओं द्वारा होता है। सदिश (वेक्टर) आंकड़ों के निवेश के लिए हस्तेन अंकीकरण सर्वोत्तम विधि है। सदिश आंकड़ा प्रदर्शन, केवल निर्देशांकों के आरंभिक तथा अंतिम बिंदुओं को अंकित कर रेखा की स्थिति स्पष्ट करके होगा। प्रत्येक बिंदु की अभिव्यक्ति दो अथवा तीन संख्याओं के रूप में होगी। यह इस तथ्य पर निर्भर करेगा कि प्रदर्शन द्वि-आयामी है अथवा त्रि-आयामी। इन्हें प्रायः X, Y तथा X, Y, Z निर्देशांकों द्वारा निर्दिष्ट किया जाता हैं।

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भौगोलिक सूचना तंत्र (GIS)
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Chapter 4: स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी - अभ्यास [Page 101]

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NCERT Bhugol Me Prayogatamak Karya Bhag 2 [Hindi] Class 12
Chapter 4 स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी
अभ्यास | Q 3. (i) | Page 101
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