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Question
चित्र में ऑक्सीजन के 100 × 10-3 kg द्रव्यमान के लिए PV/T एवं P में, दो अलग-अलग तापों पर ग्राफ दर्शाए गए हैं।

- बिंदुकित रेखा क्या दर्शाती है?
- क्या सत्य है : T1 > T2 अथवा T1 < T2?
- y-अक्ष पर जहाँ वक्र मिलते हैं वहाँ PV/T का मान क्या है?
- यदि हम ऐसे ही ग्राफ 1.00 × 10-3 kg हाइड्रोजन के लिए बनाएँ तो भी क्या उस बिंदु पर जहाँ वक़ y-अक्ष से मिलते हैं PV/T का मान यही होगा? यदि नहीं, तो हाइड्रोजन के कितने द्रव्यमान के लिए PV/T का मान (कम दाब और उच्च ताप के क्षेत्र के लिए वही होगा? H2 का अणु द्रव्यमान = 2.02 u, O2 का अणु द्रव्यमान = 32.0 u, R = 8.31 J mol-1K-1)
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Solution
(a) बिंदुकित रेखा यह दर्शाती है, कि राशि PV/T नियत है। यह तथ्य केवल आदर्श गैस के लिए सत्य है; अतः बिंदुकित रेखा आदर्श गैस का ग्राफ है।
(b) हम देख सकते हैं कि ताप T2 पर ग्राफ की तुलना में ताप T1 पर गैस का ग्राफ आदर्श गैस के ग्राफ के अधिक समीप है अर्थात् ताप T2 पर ऑक्सीजन गैस का आदर्श गैस के व्यवहार से विचलन अधिक है।
हम जानते हैं कि वास्तविक गैसें निम्न ताप पर आदर्श गैस के व्यवहार से अधिक विचलित होती है।
अतः T1 > T2
(c) जिस बिंदु पर ग्राफ y-अक्ष पर मिलते हैं ठीक उसी बिंदु से आदर्श गैस का ग्राफ भी गुजरता है;
अतः इस बिंदु पर ऑक्सीजन गैस, आदर्श गैस समीकरण का पालन करेगी।
अत: PV = µRT से, PV/T = µR
∵ गैस का द्रव्यमान m= 1.00 × 10-3 kg
जबकि गैस का ग्राम अणुभार M = 32g
या M = 32 × 10-3 kg
∴ `μ = "m"/"M"`
` = (1.00 xx 10^-3 "kg")/(32 xx 10^-3 "kg")`
`= 1/32`
अतः `"PV"/"T" = 1/32 "mol" xx 8.31 "J"//"mol" "K" `
= 0.26 J K-1
(d) इस बिंदु पर गैस, आदर्श गैस समीकरण का पालन करेगी; अतः PV/T = µR होगा। परन्तु समान द्रव्यमान हाइड्रोजन गैस में ग्राम-अणुओं की संख्या भिन्न होगी; अत: हाइड्रोजन गैस के लिए PV/T का मान भिन्न होगा।
H2 गैस के लिए PV/T = µR का वही मान प्राप्त करने के लिए हमें ग्राम-अणुओं की संख्या वही `mu = 1/32` लेनी होगी।
∵ हाइड्रोजन का ग्राम - अणु द्रव्यमान M = 2.02 g
= 2.02 × 10-3 kg
∴ हाइड्रोजन का अभीष्ट द्रव्यमान m = μM = `1/32 xx 2.02 xx 10^-3` kg
= 6.3 × 10-5 kg
