English

बहुअणुक एवं वृहदाणुक कोलॉइड में क्या अंतर है? प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए। सहचारी कोलॉइड इन दोनों प्रकार के कोलॉइडों से कैसे भिन्न हैं?

Advertisements
Advertisements

Question

बहुअणुक एवं वृहदाणुक कोलॉइड में क्या अंतर है? प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए। सहचारी कोलॉइड इन दोनों प्रकार के कोलॉइडों से कैसे भिन्न हैं?

Answer in Brief
Distinguish Between
Advertisements

Solution

क्र. सं. बहुअणुक कोलॉइड वृहदाणुक कोलॉइड
१. विलीन करने पर किसी पदार्थ के बहुत-से परमाणु या लघु अणु एकत्रित होकर पुंज जैसी एक ऐसी स्पीशीज बनाते हैं जिसका आकार कोलॉइडी सीमा (व्यास < 1 nm) में होता है। इस प्रकार प्राप्त स्पीशीज बहुअणुक कोलॉइड कहलाती हैं। वृहदाणु उचित विलायकों में ऐसे विलयन बनाते हैं जिनमें वृहदाणुओं का आकार कोलॉइडी सीमा में होता है, ऐसे निकाय वृहदाणुक कोलॉइड कहलाते हैं।
२. उदाहरण: एक गोल्ड सॉल अनेक परमाणुओं से युक्त भिन्न-भिन्न आकारों के गोल्ड कण हो सकते हैं।सल्फर सॉल में एक हजार या उससे भी अधिक S8 सल्फर अणु वाले कण् उपस्थित रहते हैं। उदाहरण: प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले वृहदाण्विक कोलॉइडों के उदाहरण हैं - स्टार्च, सेलुलोस, प्रोटीन और एन्जाइन एवं मानव-निर्मित वृहदाणु हैं - पॉलिथीन, नाइलॉन, पॉलिस्टाइरीन, संश्लेषित रबड़ आदि।

सहचारी कोलॉइड एवं बहुअणुक तथा वृहदाणुक कोलॉइडों में अन्तर (Difference among Associated Colloids and Multimolecular and Macromolecular Colloids) – बहुअणुक कोलॉइड सरल अणुओं जैसे SA की अत्यधिक संख्या के पुंजित होने पर बनते हैं। वृहदाणुक कोलॉइड अपने अणुओं के वृहद् आकार के कारण कोलॉइडी सीमा में होते हैं; जैसे–स्टार्च। कुछ पदार्थ ऐसे होते हैं जो कम सान्द्रताओं पर सामान्य प्रबल विद्युत-अपघट्य के समान व्यवहार करते हैं, परन्तु उच्च सान्द्रताओं पर कणों का पुंज बनने के कारण कोलॉइड के समान व्यवहार करते हैं। इस प्रकार पुंजित कण मिसेल कहलाते हैं। ये सहचारी कोलॉइड भी कहलाते हैं। मिसेल केवल एक निश्चित ताप से अधिक ताप पर बनते हैं जिसे क्राफ्ट ताप (Kraft temperature) कहते हैं एवं सान्द्रता एक निश्चित सान्द्रता से अधिक होती है जिसे क्रान्तिक मिसेल सान्द्रता (CMC, Critical Micelle Concentration) कहते हैं। तनु करने पर ये कोलॉइड पुन: अलग-अलग आयनों में टूट जाते हैं। पृष्ठ सक्रिय अभिकर्मक; जैसे - साबुन एवं संश्लेषित परिमार्जक इसी वर्ग में आते हैं। साबुनों के लिए CMC का मान 10−4 से 10−3 mol L−1 होता है। इन कोलॉइडों में द्रवविरागी एवं द्रवरागी दोनों ही भाग होते हैं। मिसेल में 100 या उससे अधिक अणु हो सकते हैं।

shaalaa.com
कोलॉइडी
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

आप हार्डी-शुल्से नियम में संशोधन के लिए क्या सुझाव दे सकते हैं?


निम्न पद को उचित उदाहरण सहित समझाइए।

ऐल्कोसॉल


निम्नलिखित में से कौन-सा टिन्डल प्रभाव प्रदि्शित करेगा?


नदियों और समुद्र के मिलने के स्थान पर डेल्टा बनाने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा प्रक्रम उत्तरदायी है?


निम्नलिखित में से कौन-से पदार्थ ऋ्रृण आवेशित इमल्शनों को अवक्षिपित कर सकते हैं?

  1. KCl
  2. ग्लूकोस
  3. यूरिया
  4. NaCl

जब एक द्रवरागी सॉल को एक द्रवविरागी सॉल में मिलाया जाता है तो क्या होता है?

  1. द्रवविरागी सॉल का रक्षण होता है ।
  2. द्रवरागी सॉल का रक्षण होता है।
  3. द्रवरागी सॉल की फ़िल्म द्रवविरागी सॉल पर बनती है।
  4. द्रवविरागी सॉल की फ़िल्म द्रवरागी सॉल पर बनती है।

कोलोडियन क्या होता है?


गरम जल के आधिक्य में FeCl3 मिलाकर एक कोलॉइड बनाया गया। यदि इस कोलॉइड में NaCl आधिक्य में मिलाया जाए तो क्या होगा?


यदि अपोहन लम्बे समय तक किया जाए तो क्या होता है?


कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) रक्षी कोलॉइड (a) \[\ce{FeCl3 + NaOH}\]

(ii) द्रव-द्रव कोलॉइड

(b) द्रवरागी कोलॉइड
(iii) धन आवेशित कोलाँइड (c) पायस
(iv) ऋण आवेशित कोलॉइड (d) FeCl3 + गरम जल

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×