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Question
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Solution
आज भी हमारे समाज में विवाह के मामलों में पंचायतों का रवैया काफी कठोर, संकीर्ण और रूढ़िवादी बना हुआ है। विवाह से जुड़े निर्णय आज भी कई स्थानों पर पंचायतों द्वारा लिए जाते हैं। अपनी रूढ़िवादी सोच के कारण वे कई बार अमानवीय फैसले सुना देती हैं। पंचायतों की तानाशाही प्रवृत्ति आज भी देखने को मिलती है। अखबारों और टीवी में अक्सर ऐसी खबरें आती हैं कि पंचायत ने पति-पत्नी को भाई-बहन की तरह रहने के लिए मजबूर कर दिया, विवाह के बाद भी उन्हें अलग रहने को कहा और आदेश न मानने पर उनकी हत्या तक करवा दी।
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भक्तिन अपना वास्तविक नाम लोगों से क्यों छुपाती थी? भक्तिन को यह नाम किसने और क्यों दिया होगा?
दो कन्या-रत्न पैदा करने पर भक्ति पुत्र-महिमा में अँधी अपनी जिठानियों द्वारा घृणा व उपेक्षा का शिकार बनी। ऐसी घटनाओं से ही अकसर यह धारणा चली है कि स्त्री ही स्त्री की दुश्मन होती है। क्या इससे आप सहमत हैं?
निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए:
भक्तिन अच्छी है, यह कहना कठिन होगा, क्योंकि उसमें दुर्गुणों का अभाव नहीं लेखिका ने ऐसा क्यों कहा होगा?
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पहली कन्या के दो संस्करण और कर डाले
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खोटे सिक्कों की टकसाल जैसी पत्नी
नीचे दिए गए विशिष्ट भाषा-प्रयोग के उदाहरण को ध्यान से पढ़िए और इसकी अर्थ-छवि स्पष्ट कीजिए-
अस्पष्ट पुनरावृत्तियाँ और स्पष्ट सहानुभूतिपूर्ण
पाठ में आए लोकभाषा के इस संवाद को समझकर इसे खड़ी बोली हिंदी में ढालकर प्रस्तुत कीजिए।
ई कउन बड़ी बात आय। रोटी बनाय जानित है, दाल राँध लेइत है, साग-भाजी छँउक सकित है, अउर बाकी का रहा।
भक्तिन पाठ में पहली कन्या के दो संस्करण जैसे प्रयोग लेखिका के खास भाषाई संस्कार की पहचान कराता है, साथ ही ये प्रयोग कथ्य को संप्रेषणीय बनाने में भी मददगार हैं। वर्तमान हिंदी में भी कुछ अन्य प्रकार की शब्दावली समाहित हुई है। नीचे कुछ वाक्य दिए जा रहे हैं जिससे वक्ता की खास पसंद का पता चलता है। आप वाक्य पढ़कर बताएँ कि इनमें किन तीन विशेष प्रकार की शब्दावली का प्रयोग हुआ है? इन शब्दावलियों या इनके अतिरिक्त अन्य किन्हीं विशेष शब्दावलियों का प्रयोग करते हुए आप भी कुछ वाक्य बनाएँ और कक्षा में चर्चा करें कि ऐसे प्रयोग भाषा की समृद्धि में कहाँ तक सहायक है?
- अरे! उससे सावधान रहना! वह नीचे से ऊपर तक वायरस से भरा हुआ है। जिस सिस्टम में जाता है उसे हैंग कर देता है।
- घबरा मत! मेरी इनस्वींगर के सामने उसके सारे वायरस घुटने टेकेंगे। अगर ज़्यादा फ़ाउल मारा तो रेड कार्ड दिखा के हमेशा के लिए पवेलियन भेज दूँगा।
- जानी टेंसन नई लेने का वो जिस स्कूल में पढ़ता है अपुन उसका हैडमास्टर है।
