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भारत में कहानियों की सुदृढ़ परंपरा रही है। कहानियाँ आनंद प्रदान करने के साथ-साथ, बच्चों के चिंतन को विस्तार देती हैं, उनमें कल्पनाशीलता जगाती हैं तथा उनके समझ के क्षितिज - Hindi Course - A

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Question

निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:

        भारत में कहानियों की सुदृढ़ परंपरा रही है। कहानियाँ आनंद प्रदान करने के साथ-साथ, बच्चों के चिंतन को विस्तार देती हैं, उनमें कल्पनाशीलता जगाती हैं तथा उनके समझ के क्षितिज को विस्तृत करती हैं। पंचतंत्र तथा जातक कथाएँ हज़ारों साल से हमारे समाज में लोकप्रिय रही हैं। पंडित विष्णु शर्मा रचित पंचतंत्र की गिनती दुनिया की श्रेष्ठतम बाल कथाओं में की जाती है। इन कथाओं में नैतिक मूल्य निहित हैं। आज दुनियाभर के शिक्षाशास्त्री तथा बाल-मनोविज्ञानी इस बात को स्वीकार करते हैं कि बच्चों के कल्पना जगत में पशु-पक्षियों का अप्रतिम स्थान होता है। वे स्वाभाविक रूप से इनकी ओर आकृष्ट रहते हैं। जानवरों की दुनिया में उनमें रुचि, कौतूहल तथा जिज्ञासा होती है। पंचतंत्र की कहानियों में पशु-पक्षियों में उसी तरह से संवाद होता है जैसे कि मानव समाज में होता है। इन कहानियों के माध्यम से सच्चाई, त्याग, क्षमा, करुणा, स्नेह जैसे मानवीय मूल्यों को संप्रेषित करने की कोशिश की गई है। ये सभी मूल्य मानव समाज के लिए नितांत जरूरी हैं। इन कथाओं के माध्यम से वास्तव में बालमन में जीवन मूल्यों का बीजारोपण होता है।

       पंचतंत्र की कहानियाँ पाँच खंडों में विभक्त हैं, जिन्हें तंत्र कहा गया है। पाँच तंत्रों के समावेश के कारण इन्हें पंचतंत्र कहा गया। आज से करीब दो हज़ार साल पहले लिखी गयी पंचतंत्र की कहानियाँ कालजयी हैं। माना जाता है कि यह दुनिया की सर्वाधिक भाषाओं में अनूदित भारतीय साहित्य है। हमारे देश में विद्यालयीन स्तर पर हिन्दी, संस्कृत तथा अंग्रेजी की किताबों में ये कहानियाँ हमेशा से पाठ्यक्रम का हिस्सा रही हैं। दुनिया के अन्य देशों में भी इन कहानियों कोउ तना ही आदर प्राप्त है, जितना हमारे देश में है।

  1. पंचतंत्र और जातक कथाओं की समाज में लोकप्रियता का आधार है- [1]
    1. सहज सरल भाषा में जीवन-मूल्य संप्रेषित करना
    2. पशु-पक्षियों के माध्यम से जीवन-मूल्य संप्रेषित करना
    3. बच्चों और बड़ों को आनंद प्रदान करना
    4. बाल मनोविज्ञान का सुंदर चित्रण करना
  2. निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन करके लिखिए: [1]
    कथन: पंचतंत्र की कहानियों को दुनिया के अनेक देशों में आदर प्राप्त हैं।
    कारण: पंचतंत्र की कहानियों के माध्यम से सच्चाई, त्याग, क्षमा, करुणा, स्नेह जैसे जीवन-मूल्यों को संप्रेषित करने की कोशिश की गई है।
    विकल्प:
    1. कथन ग़लत है, किंतु कारण सही है।
    2. कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
    3. कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
    4. कथन सही है, किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  3. ‘बच्चों के मानसिक विकास के लिए कहानियों का महत्त्वपूर्ण स्थान है।’ - इस कथन के समर्थन में उचित विकल्प का चयन कीजिए: [1]
    (I) बच्चों की चिंतन क्षमता का विकास होता है।
    (II) बच्चों का शारीरिक विकास होता है।
    (III) बच्चों की कल्पना शक्ति का विकास होता है।
    (IV) बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास होता है।
    विकल्प:
    1. कथन (I) और (II) सही हैं।
    2. कथन (I), (II) और (III) सही हैं।
    3. कथन (I), (III) और (IV) सही हैं।
    4. केवल कथन (IV) सही है।
  4. पशु-पक्षियों की कहानियाँ बच्चों को क्‍यों लुभाती हैं? [2]
  5. ‘आज से करीब दो हज़ार साल पहले लिखी गयी पंचतंत्र की कहानियाँ कालजयी हैं’ - पंक्ति का क्या आशय है? [2]
Comprehension
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Solution

  1. (B) पशु-पक्षियों के माध्यम से जीवन-मूल्य संप्रेषित करना।
  2. (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
  3. (C) कथन (I), (III) और (IV) सही हैं।
  4. पशु-पक्षियों की कहानियाँ बच्चों को लुभाती हैं क्योंकि बच्चे स्वभाव से कल्पनाशील होते हैं और पशु-पक्षियों की दुनिया के प्रति उनमें स्वाभाविक रुचि और जिज्ञासा रहती है। कहानियों में पशु-पक्षियों का परस्पर संवाद उन्हें मानव समाज जैसा प्रतीत होता है, जो उन्हें आकर्षित करता है।
  5. ‘आज से करीब दो हज़ार साल पहले लिखी गयी पंचतंत्र की कहानियाँ कालजयी हैं’ यह पंक्ति का अर्थ है कि ये कहानियाँ समय की सीमा से परे हैं। हजारों साल पहले लिखे जाने के बाद भी आज प्रासंगिक हैं, ये दुनियाभर की अनेक भाषाओं में अनूदित हैं और आज भी बच्चों को नैतिक शिक्षा देने का प्रभावी माध्यम हैं।
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