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Question
भारत की मुस्लिम स्थापत्य शैली की सोदाहरण विशेषताएँ लिखिए।
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Solution
पर्शियन, मध्य एशियाई, अरबी और इस्लाम पूर्व भारतीय स्थापत्य जैसी अनेक स्थापत्य शैलियों से विकसित हुई स्थापत्य शैली को ‘मुस्लिम स्थापत्य शैली’ कहते हैं। मध्ययुगीन भारत में मुस्लिम सत्ताओं के समय में विकसित हुई इस मुस्लिम स्थापत्य शैली की विशेषताएँ तथा उदाहरण नीचे दी गई है।
- इस स्थापत्य शैली में बनाए गए कुतुबमीनार की ऊँचाई (२४० फुट) विश्व में सबसे अधिक है।
- मुगल सम्राट शाहजहाँ द्वारा बनाया गया ताजमहल विश्व का आठवाँ आश्चर्य माना जाता है।
- ई. स. की सत्रहवीं शताब्दी में बनाया गया बीजापुर का गोल गुंबज वास्तु प्रतिध्वनि के लिए प्रसिद्ध है।
- फतेहपुर में सम्राट अकबर द्वारा बनाया गया राजवाड़ा और बुलंद दरवाजा अपनी ऊँचाई तथा सभ्यता के लिए प्रसिद्ध है।
- दिल्ली और आगरा में बनाए गए लाल किले विस्तृत और देखने योग्य हैं। ऊपर वर्णित सभी वास्तुएँ मुस्लिम स्थापत्य शैली के उत्तम उदाहरण हैं।
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निम्न से असत्य जोड़ी में सुधार कर पुनः लिखिए।
टिप्पणी लिखिए।
हेमाड़पंती शैली
निम्न कथन को कारण सहित स्पष्ट कीजिए।
कला के इतिहास का गहन अध्ययन करने वाले तज्ञों की आवश्यकता होती है।
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| मंदिर स्थापत्य शैली | नागर | द्राविड़ | हेमाड़पंती |
| विशेषताएँ | |||
| उदाहरण |
नीचे दिए गए चित्र का निरीक्षण कीजिए और निम्न मुद्दों के आधार पर वारली चित्रकला के विषय में जानकारी लिखिए।

(अ) प्रकृति का चित्रण
(ब) मानवाकृतियों का आरेखन
(क) व्यवसाय
(ड) मकान
निम्न संकल्पना-चित्र को पूर्ण कीजिए:
