English

बलदेव और चीता दोनों गुब्बारे पर ऊपर उठते जा रहे थे। फिर भी चीते ने बलदेव को कोई नुकसान क्यों नहीं पहुँचाया?

Advertisements
Advertisements

Question

बलदेव और चीता दोनों गुब्बारे पर ऊपर उठते जा रहे थे। फिर भी चीते ने बलदेव को कोई नुकसान क्यों नहीं पहुँचाया?

One Line Answer
Advertisements

Solution

चीता स्वयं अपने प्राणों को संकट में जानकर घबरा गया। वह अपना सारा चीतापन भूल गया था। भय के कारण वह बलदेव को नुकसान नहीं पहुँचा पाया।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 7)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 4: गुब्बारे पर चीता - अभ्यास [Page 21]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Durva Part 2 Class 7
Chapter 4 गुब्बारे पर चीता
अभ्यास | Q 1. घ | Page 21

RELATED QUESTIONS

पक्षी क्यों व्यथित हैं?


पक्षियों के सपने और अरमान क्या है?


कवि ने इस कविता के माध्यम से हमें क्या संदेश देना चाहा है?


दादी माँ ने अपने वंश की अंतिम निशानी सोने का कंगन अपने बेटे को क्यों दिया?


मुरलीवाले का स्वर सुनकर रोहिणी को क्या स्मरण हो आया?


ग्राहकों का व्यवहार कैसा होता है? कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


बहुविकल्पी प्रश्न

आश्रम में कितने रसोईघर बनाने का लेखा-जोखा था?


मंजरी ने कनक को अपना खिलौना क्यों दे दिया?


जा पा जलिन पा और सुक पा बुंगि पा का नाम आदर से क्यों लिया जाता है?


पुराने समय में किताबें कुछ लोगों तक ही सीमित थीं। तुम्हारे विचार से किस चीज़ के आविष्कार से किताबें आम आदमी तक पहुँच सकीं?


इतिहास-

इतिहासकार

शिल्प-

______

गीत-

______

संगीत-

______

मूर्ति-

______

रचना-

______


इन वाक्य को पढ़ो और इसे प्रश्नवाचक वाक्य में बदलो।

आकाश में अँधेरा छाया हुआ था।


डॉ. सेठी ने सुधा के लिए क्या किया?


लड़की को उसके घर पहुँचाने के लिए क्या उपाय सोची गई?


किसी एक खेल को खेले जाने की विधि को अपने शब्दों में लिखिए।


साक्षात्कार पढ़कर आपके मन में धनराज पिल्लै की कैसी छवि उभरती है? वर्णन कीजिए।


'मेरी माँ ने मुझे अपनी प्रसिद्धि को विनम्रता से सँभालने की सीख दी है'-धनराज पिल्लै की इस बात का क्या अर्थ है?


'इस आनंदोत्सव की रागिनी में बेमेल स्वर कैसे बज उठा'-वाक्य किस घटना की ओर संकेत कर रहा है?


सांप्रदायिक सद्भाव में कुँवर सिंह की गहरी आस्था थी-पाठ के आधार पर कथन की पुष्टि कीजिए।


अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। इस वाक्य में "प्राणों का बलिदान देना" मुहावरे का प्रयोग हुआ है।
नीचे मुहावरा दिया गया हैं। इसका अपने वाक्य में प्रयोग करो।

निढाल होना


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×