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बहुविकल्पी प्रश्न ‘नीलकंठ’ पाठ के लेखक कौन हैं? - Hindi (हिंदी)

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Question

बहुविकल्पी प्रश्न

‘नीलकंठ’ पाठ के लेखक कौन हैं?

Options

  • सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

  • जैनेंद्र कुमार

  • टी० पद्मनाभन

  • महादेवी वर्मा

MCQ
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Solution

महादेवी वर्मा

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 7)
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Chapter 15: नीलकंठ - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 2 Class 7
Chapter 15 नीलकंठ
अतिरिक्त प्रश्न | Q 1

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नीचे कुछ शब्द लिखें हैं। उन्हें उचित खाने में लिखो।

दयालु, डरपोक, साहसी, सुंदर, अमीर, गरीब, समझदार, लालची, ईर्ष्यालु, अच्छी, मेहनती, आलसी, मूर्ख, लापरवाह, मनमौजी।

 

कनक मंजरी
   
   
   
   
   

हर्ष और कनक ने मंजरी को समुद्र से निकाला। इसके बाद उन्होंने मंजरी को प्राथमिक उपचार दिया। पता करो तुम कौन से प्राथमिक उपचार करोगे, यदि

- किसी का हाथ गर्म चीज़ से जल जाए
- पैर में काँच घुस जाए
- कोई ज़हरीला जंतु काट ले


समझो
अजीब-अजीब
धीरे-धीरे
अभी-अभी
ज्यों-ज्यों
चूर-चूर
हिसाब-किताब
जब-तब
खेल-तमाशा
हड्डी-पसली


मान लो कि तुम एक किताब हो। नीचे दी गई जगह में अपनी कहानी लिखो।

मैं एक किताब हूँ। पुराने समय से _______________________________
___________________________________________________________


सुधा पूरे भारत में कैसे लोकप्रिय हो गई?


गोपालसिंह नेपाली की कविता ‘हिमालय और हम’, रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कविता ‘हिमालय’ तथा जयशंकर प्रसाद की कविता ‘हिमालय के आँगन में पढ़िए और तुलना कीजिए।


आपने देखा होगा कि नाटक के बीच-बीच में कुछ निर्देश दिए गए हैं। ऐसे निर्देशों से नाटक के दृश्य स्पष्ट होते हैं, जिन्हें नाटक खेलते हुए मंच पर दिखाया जाता है, जैसे-'सड़क/रात का समय...दूर कहीं कुत्तों के भौंकने की आवाज़।' यदि आपको रात का दृश्य मंच पर दिखाना हो तो क्या-क्या करेंगे, सोचकर लिखिए।


“अच्छा मुझे ज़्यादा वक्त नहीं, जल्दी से दो ठो निकाल दो।”

  • उपर्युक्त वाक्य में ‘ठो’ के प्रयोग की ओर ध्यान दीजिए। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की भाषाओं में इस शब्द का प्रयोग संख्यावाची शब्द के साथ होता है, जैसे, भोजपुरी में-एक ठो लइका, चार ठे आलू, तीन ते बटुली।
  • ऐसे शब्दों का प्रयोग भारत की कई अन्य भाषाओं/ बोलियों में भी होता है। कक्षा में पता कीजिए कि किस-किस की भाषा-बोली में ऐसा है। इस पर सामूहिक बातचीत कीजिए।

पाठ में पर शब्द के तीन प्रकार के प्रयोग हुए हैं-

(क) गुलाब की डाली पर एक चिड़िया आन बैठी।

(ख) कभी पर हिलाती थी।

(ग) पर बच्ची काँप-काँपकर माँ की छाती से और चिपक गई।

तीनों 'पर' के प्रयोग तीन उद्देश्यों से हुए हैं। इन वाक्यों का आधार लेकर आप भी 'पर' का प्रयोग कर ऐसे तीन वाक्य बनाइए जिनमें अलग-अलग उद्देश्यों के लिए 'पर' के प्रयोग हुए हों।


पाठ में ‘ठिठियाकर हँसने लगी’, ‘पीछे से धकियाने लगी’ जैसे वाक्य आए हैं। ठिठियाकर हँसने के मतलब का आप अवश्य अनुमान लगा सकते हैं। ठी-ठी-ठी हँसना या ठठा मारकर हँसना बोलचाल में प्रयोग होता है। इनमें हँसने की ध्वनि के एक खास अंदाज को हँसी का विशेषण बना दिया गया है। साथ ही ठिठियाना और धकियाना शब्द में ‘आना’ प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। इस प्रत्यय से फ़िल्माना शब्द भी बन जाता है। ‘आना’ प्रत्यय से बननेवाले चार सार्थक शब्द लिखिए।


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वाक्य जोड़ो।

नमूना → सहेलियाँ नाचती हैं। वे गाती भी हैं।
  सहेलियाँ नाचती-गाती हैं।

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रिक्त स्थान भरो -

नमूना → गुड़िया जैसी सुंदर

रात जैसा _______


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