Advertisements
Advertisements
Question
अपनी पसंद के किसी भी अखबार में से पाँच समाचार चुनिए और उन्हें ध्यान से पढ़िए। इनमें से कितने समाचार उल्टा पिरामिड-शैली में लिखे गए हैं? क्या आपको लगता है कि इन समाचारों में सूचनाएँ घटते हुए महत्वक्रम में दी गई हैं? हर समाचार में कितने पैराग्राफ हैं? क्या आपको लगता है कि पैराग्राफ की संख्या कम या अधिक है? क्या आप उस समाचार से गैरज़रूरी लाइनें या पैराग्राफ्स निकाल सकते हैं? कोशिश कीजिए और बताइए कि आपने गैरज़रूरी लाइनों या पैराग्राफ्स का चुनाव किस आधार पर किया?
Advertisements
Solution
| क्र. | समाचार | उल्टा पिरामिड शैली | पैराग्राफ |
| 1. | शहर में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित | हाँ | 4 |
| 2. | शहर में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित | हाँ | 3 |
| 3. | भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में पदक जीते | हाँ | 4 |
| 4. | पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव | हाँ | 3 |
| 5. | शहर में सफाई अभियान की शुरुआत | हाँ | 5 |
पाँच में से चार समाचार उल्टा पिरामिड शैली में लिखे गए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण सूचना शुरुआत में दी गई है और उसके बाद कम महत्वपूर्ण विवरण, पृष्ठभूमि तथा अन्य जानकारियाँ दी गई हैं। इसलिए इन समाचारों में सूचनाएँ सामान्यतः घटते हुए महत्वक्रम में प्रस्तुत की गई हैं।
अधिकांश समाचारों में 3 से 4 पैराग्राफ पर्याप्त लगे। पाँच पैराग्राफ वाला समाचार थोड़ा लंबा लगा, क्योंकि उसमें कुछ जानकारियाँ दोहराई गई थीं। समाचार को संक्षिप्त और प्रभावशाली बनाने के लिए गैरज़रूरी विवरण हटाए जा सकते हैं।
गैरज़रूरी पंक्तियों या पैराग्राफों का चुनाव करते समय मैंने यह आधार रखा कि जो जानकारी मुख्य घटना से सीधे संबंधित नहीं है, जो बात दोहराई गई है या जिसे हटाने पर समाचार का मुख्य अर्थ प्रभावित नहीं होता, उसे हटाया जा सकता है। इससे समाचार अधिक स्पष्ट, संक्षिप्त और प्रभावशाली बनता है।
