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Question
अपने राज्य के पर्यटन स्थल की जानकारी प्राप्त कीजिए।
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Solution
महाराष्ट्र देश दूसरे कई राज्यों की तुलना में काफी बड़ा है। पश्चिमी घाट से निकटता के कारण यह तरफ पहाड़ों की अनोखे पृष्ठभूमि से धन्य है और दूसरी तरफ सुंदर कोंकण तट है। भारत में दूसरा सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला राज्य महाराष्ट्र यह देश के पश्चिमी भाग में गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और गोवा की सीमा पर स्थित है। महाराष्ट्र कई प्राचीन किलों, महलों, गुफाओं, मंदिरों और कई प्राकृतिक पर्यटन स्थलों से भरपूर हैं। महाराष्ट्र भारत का एक ऐसा राज्य है जहाँ सभी तरह की दर्शनीय स्थल मौजूद हैं। महाराष्ट्र का दूसरा सबसे बड़ा शहर पुणे मुथा नदी के तट पर स्तिथ है और मुंबई से लगभग १५४ किलोमीटर की दूरी पर स्तिथ है। यह महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में जाना जाता है जो अपनी सांस्कृतिक गतिविधियों जैसे शास्त्रीय संगीत, आध्यात्मिकता, रंगमंच, खेल और साहित्य के लिए दुनिया में मशहूर है। औरंगाबाद महाराष्ट्र के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है जो मुगल सम्राट औरंगजेब के नाम पर रखा गया है। यह शहर अपनी ऐतिहासिक स्मारकों और अजंता और एल्लोरा की प्राचीन गुफाओं के लिए प्रसिद्ध है जो यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल हैं। सुन्दर पश्चिमी घाटों के बिच में बसा महाबलेश्वर महाराष्ट्र का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है जो अपने लुभावना परिदृश्य, प्राचीन मंदिरों, शानदार झरनों, शांत नदियों, हरे भरे घाटियों और खूबसूरत वातावरण के लिए पर्यटकों के बिच एक प्रमुख आकर्षणों का केंद्र है। पंचगनी महाराष्ट्र का एक बेहद लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। पंचगनी की ऊंचाई से आप कमलगढ़ दुर्ग और धाम डैम झील के शानदार नजारे देखने का आनंद उठा सकते हैं। शिरडी भारत के महाराष्ट्र राज्य का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जो नासिक के पास स्थित है। यह “साईं की भूमि” के रूप में प्रसिद्ध है। शिरडी महान संत साईं बाबा का घर है, जिसमें कुछ ऐतिहासिक स्थलों के अलावा प्रसिद्व साईं बाबा मंदिर और विभिन्न मंदिर हैं। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित, शिरडी साईं बाबा के भक्तों के लिए एक बहुत ही पवित्र और तीर्थ स्थान है, जहाँ हर साल बड़ी संख्या में भक्त आते हैं।
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विशेष्य और विशेषण का मिलान कीजिए:

कवि के अनुसार अकल्पित कल्पनाएँ

आकृति पूर्ण कीजिए:

भावार्थ लिखिए:-
| ॠतु बसंत का सुप्रभात था मंद-मंद था अनिल बह रहा बालारुण की मृदु किरणें थीं अगल-बगल स्वर्णाभ शिखर थे एक-दूसरे से विरहित हो अलग-अलग रहकर ही जिनको सारी रात बितानी होगी, |
अंतरजाल से बादल, हिमवर्षा, कोहरा, तुषार संबंधी जानकारी प्राप्त कीजिए।
