English

''अपना सोना खोटा तो परखवैया का कौन दोस?'' से लेखक का क्या तात्पर्य है? - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

Question

''अपना सोना खोटा तो परखवैया का कौन दोस?'' से लेखक का क्या तात्पर्य है?

Answer in Brief
Advertisements

Solution

इसका तात्पर्य है कि यदि दोष हमारी वस्तु में है, तो हमें परखने वाले को दोष नहीं देना चाहिए। अर्थात परखने वाला तो वहीं दोष निकालेगा, जो उस वस्तु में होगा। अतः परखने वाले को किसी भी प्रकार से दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। लेखक पुरातत्व महत्व की वस्तु को देखते ही अपने साथ ले जाता था। उसकी इस आदत से सभी परिचित थे। अतः कहीं भी मूर्ति गायब हो जाती थी, तो लोग लेखक का नाम ही लेते थे। अतः लेखक कहता है कि इसमें दोष नाम लेने वाला का नहीं स्वयं उसका है।

shaalaa.com
कच्चा चिट्ठा
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

पसोवा की प्रसिद्धि का क्या कारण था और लेखक वहाँ क्यों जाना चाहता था?


''मैं कहीं जाता हूँ तो 'छूँछे' हाथ नही लौटता'' से क्या तात्पर्य है? लेखक कौशांबी लौटते हुए अपने साथ क्या-क्या लाया?


''चांद्रायण व्रत करती हुई बिल्ली के सामने एक चूहा स्वयं आ जाए तो बेचारी को अपना कर्तव्य पालन करना ही पड़ता है।''- लेखक ने यह वाक्य किस संदर्भ में कहा और क्यों?


गाँववालों ने उपवास क्यों रखा और उसे कब तोड़ा? दोनों प्रसंगों को स्पष्ट कीजिए।


लेखक बुढ़िया से बोधिसत्व की आठ फुट लंबी सुंदर मूर्ति प्राप्त करने में कैसे सफल हुआ?


''ईमान! ऐसी कोई चीज़ मेरे पास हुई नहीं तो उसके डिगने का कोई सवाल नहीं उठता। यदि होता तो इतना बड़ा संग्रह बिना पैसा-कौड़ी के हो ही नहीं सकता।'' - के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है?


दो रुपए में प्राप्त बोधिसत्व की मूर्ति पर दस हज़ार रुपए क्यों न्यौछावर किए जा रहे थे?


भद्रमथ शिलालेख की क्षतिपूर्ति कैसे हुई? स्पष्ट कीजिए।


लेखक अपने संग्रहालय के निर्माण में किन-किन के प्रति अपना आभार प्रकट करता है और किसे अपने संग्रहालय का अभिभावक बनाकर निश्चित होता है?

निम्नलिखित का अर्थ स्पष्ट कीजिए
इक्के को ठीक कर लिया


निम्नलिखित का अर्थ स्पष्ट कीजिए
कील काँटे से दुरस्त था।


निम्नलिखित का अर्थ स्पष्ट कीजिए
मेरे मस्तक पर हस्बमामूल चंदन था।


निम्नलिखित का अर्थ स्पष्ट कीजिए
सरखाब का पर


लोकोक्तियों का संदर्भ सहित अर्थ स्पष्ट कीजिए।

चोर की दाढ़ी में तिनका


लोकोक्तियों का संदर्भ सहित अर्थ स्पष्ट कीजिए।

ना जाने केहि भेष में नारायण मिल जाएँ


लोकोक्तियों का संदर्भ सहित अर्थ स्पष्ट कीजिए।
यह म्याऊँ का ठौर था


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×