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Question
अपचायक/ऑक्सीकारक की किसी विलयन में प्रबलता ज्ञात करने के लिए किस विधि का उपयोग कर सकते हैं? एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।
Short Answer
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Solution
किसी विलयन में अपचायक/ऑक्सीकारक की प्रबलता ज्ञात करने के लिए उनके मानक अपचयन विभव (E°) की तुलना की जाती है।
E° अधिक धनात्मक → ऑक्सीकारक अधिक प्रबल।
E° अधिक ऋणात्मक → अपचायक अधिक प्रबल।
उदाहरण:
`E_(Cu^(2+)//Cu)^°` = +0.34 V
`E_(Zn^(2+)//Zn)^°` = −0.76 V
अतः Cu2+ अधिक प्रबल ऑक्सीकारक और Zn अधिक प्रबल अपचायक है।
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