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अपचायक/ऑक्सीकारक की किसी विलयन में प्रबलता ज्ञात करने के लिए किस विधि का उपयोग कर सकते हैं? एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।

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Question

अपचायक/ऑक्सीकारक की किसी विलयन में प्रबलता ज्ञात करने के लिए किस विधि का उपयोग कर सकते हैं? एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।

Short Answer
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Solution

किसी विलयन में अपचायक/ऑक्सीकारक की प्रबलता ज्ञात करने के लिए उनके मानक अपचयन विभव (E°) की तुलना की जाती है।

E° अधिक धनात्मक → ऑक्सीकारक अधिक प्रबल।

E° अधिक ऋणात्मक → अपचायक अधिक प्रबल।

उदाहरण:

`E_(Cu^(2+)//Cu)^°` = +0.34 V

`E_(Zn^(2+)//Zn)^°` = −0.76 V

अतः Cu2+ अधिक प्रबल ऑक्सीकारक और Zn अधिक प्रबल अपचायक है।

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Chapter 8: अपचयोपचय अभिक्रियाएँ - अभ्यास [Page 111]

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NCERT Rasayan Vigyaan Exemplar [Hindi] Class 11
Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
अभ्यास | Q 38. | Page 111
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