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“अम्बिका भावनाओं में नहीं यथार्थ में जीती है।” ‘आषाढ़ का एक दिन’ नाटक के आधार पर अम्बिका की चारित्रिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए। - Hindi (Indian Languages)

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Question

“अम्बिका भावनाओं में नहीं यथार्थ में जीती है।” ‘आषाढ़ का एक दिन’ नाटक के आधार पर अम्बिका की चारित्रिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

Very Long Answer
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Solution

“आषाढ़ का एक दिन” में अस्बिका एक महत्वपूर्ण नारी पात्र है। वह एक पुरानी ग्रामीण महिला है। मल्लिका की माँ वह है। अम्बिका वास्तविकता में नहीं, भावनाओं में जीती है। वह अपनी बेटी मल्लिका के बारे में हमेशा चिंतित रहती है। अम्बिका एक कर्मठ व्यक्तित्व का भी उदाहरण है। वह भी हर माँ की तरह अपनी बेटी की शादी की चिंता करती है।

अम्बिका दिल से अधिक विचार करती है। वह भावनाओं पर कम ध्यान देती है। वह अपनी बेटी को बताती है कि भावना एक छलावा या आत्म-प्रवंचना है। जीवन की जरूरतें सिर्फ भावना में जीने से पूरी नहीं हो सकतीं। वह जननीति को प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि कालिदास का उज्जयिनी जाने से सम्मान बढ़ेगा। वह मल्लिका को कालिदास की विदाई के समय वहाँ जाने से रोकती है। जब मल्लिका बहुत दुखी हो जाती है, तो वह भी अपनी बेटी को सांत्वना देती है।

हम निश्चित रूप से कह सकते हैं कि अम्बिका का दिल प्रेम से ओत-प्रोत है; वह अपनी बेटी को खुश देखना चाहती है। वह एक आदर्श माँ और यथार्थवादी हैं।

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