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अगर नरेंद्र के पास फ़ीस के पैसे न होते? - Hindi (हिंदी)

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Question

अगर नरेंद्र के पास फ़ीस के पैसे न होते?

One Line Answer
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Solution

अगर नरेंद्र के पास पैसे नहीं होते तो वह लाली पॉप वाले के पास नहीं जाता।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 8)
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Chapter 8: सस्ते का चक्कर - अभ्यास [Page 57]

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NCERT Hindi - Durva Part 3 Class 8
Chapter 8 सस्ते का चक्कर
अभ्यास | Q 2. (क) | Page 57

RELATED QUESTIONS

सिंधु घाटी सभ्यता के अंत के बारे में अनेक विद्वानों के कई मत हैं। आपके अनुसार इस सभ्यता का अंत कैसे हुआ होगा, तर्क सहित लिखिए।


नेहरू जी ने कहा है कि - "इतिहास की उपेक्षा के परिणाम अच्छे नहीं हुए।" आपके अनुसार इतिहास लेखन में क्या-क्या शामिल किया जाना चाहिए है? एक सूची बनाइए और उस पर कक्षा में अपने साथियों और अध्यापकों से चर्चा कीजिए।


"किसी को सचमुच बाहर निकालना हो तो उसका घर तोड़ देना चाहिए," पिताजी ने गुस्से में ऐसा क्यों कहा? क्या पिताजी के इस कथन से माँ सहमत थी? क्या तुम सहमत हो? अगर नहीं तो क्यों?


अलग-अलग पक्षी अलग-अलग तरह से घोसला बनाते हैं। तुम कुछ पक्षियों के घोसलों के चित्र इकट्ठे करके उसे अपनी कॉपी पर चिपकाकर शिक्षक को दिखाओ।


"हम उनसे कहते कि जब हम बड़े हो जाएँगे तो उनकी देखभाल करेंगे।" इस वाक्य को पढ़ो और बताओ कि– 

(क) कौन किसकी देखभाल करना चाहता/चाहती है?

(ख) वह बड़ा/बड़ी होकर ही देखभाल करना क्यों चाहता/चाहती है?

(ग) क्या वह छोटे होने पर देखभाल नहीं कर सकता/सकती है?

(घ) अगर वह छोटे होने पर भी देखभाल करेगा/करेगी तो क्या हो सकता है?


इस पाठ में भोपाल गैस त्रासदी का वर्णन हुआ है, जिसे इस त्रासदी को सहने वाली सलमा ने 'वह सुबह कभी तो आएगी' शीर्षक से लिखा है। अब तुम बताओ कि–

(क) तुम इसे निबंध या संस्मरण में से क्या कह सकते हो और क्यों?

(ख) अगर इसे कोई कहानी कहे तो क्या होगा?

(ग) मान लो कि अगर तुम इसे लिखते तो इसका क्या शीर्षक देते और क्यों?

(संकेत–इन प्रश्नों के उत्तर देने के लिए तुम अपने बड़ों की सहायता भी ले सकते हो।)


यह मालवा (मध्यप्रदेश) की एक लोककथा है। तुम्हारे प्रांत की भाषा/बोली में भी कुछ लोककथाएँ होंगी जिसे लोग सुनते-सुनाते होंगे। उनमें से तुम अपनी पसंद की किसी लोक कथा को अपनी कॉपी में लिखो और अपने मित्रों को सुनाओ।


"लोगों की बंदूकों के कारतूस खत्म हो गए।"

ऊपर का यह वाक्य इसी पाठ का है जिसमें आदिवासियों के द्वारा बंदूकों व कारतूसों के प्रयोग का भी प्रमाण मिलता है। इस पाठ की खोज़बीन करो तो पाओगे कि आदिवासी "पुलिस चौकियों या सेना पर हमला कर देते थे और उनके अस्त्र-शस्त्र लूटकर भाग जाते थे।" अब तुम ज़रूर समझ गए होगे कि आदिवासियों ने बंदूकों व कारतूसों का प्रयोग कैसे किया। 'कारतूसों' ने सन् 1857 में स्वतंत्रता की चिंगारी को फैलाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। समूह बनाकर इसके बारे में खोज़बीन करो। कक्षा के प्रत्येक समूह में से एक प्रतिनिधि सबको अपनी खोज़बीन के बारे में बताएगा।


"यहाँ के फ़िल्म वाले इतनी छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोलते ही नहीं बल्कि झूठ दिखाते भी हैं।"

ऊपर मारिया ने भेंटकर्ता से जो बात कही है उसको पढ़ो। अब बताओ कि–

(क) तुम इस बात से कहाँ तक और क्यों सहमत हो?

(ख) क्या सिनेमा में झूठ और सच की बातें दिखाना ज़रूरी होता है? यदि हाँ तो क्यों?


अपने जीवन की किसी ऐसी घटना के बारे में बताओ–

  • जब तुम्हारी आँखों में आँसू आए हों।

  • जब तुम अपना दुख-दर्द भूल गए हो।


पढ़ने-लिखने या अन्य काम करने के लिए भी अच्छे स्वास्थ्य का होना ज़रूरी है। इसलिए लोग सैर-सपाटा और खेल-तमाशे पर भी ध्यान देते हैं। अब तुम बताओ कि

(क) तुम या तुम्हारे दोस्त सैर-सपाटे के लिए क्या-क्या करते हैं?

(ख) तुमने अब तक जिन-जिन खेल-तमाशों में भाग लिया है या उसे देखा है, उसकी सूची बनाओ।


'मशीनी युग ने कितने हाथ काट दिए हैं।'- इस पंक्ति में लेखक ने किस व्यथा की ओर संकेत किया है?


मशीनी युग से बदलू के जीवन में क्या बदलाव आया?


दोषों का पर्दाफ़ाश करना कब बुरा रूप ले सकता है?


कहानी में मोटे-मोटे किस काम के हैं? किन के बारे में और क्यों कहा गया?


घर के सामान्य काम हों या अपना निजी काम, प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुरूप उन्हें करना आवश्यक क्यों है?


किसी भी क्रिया को पूरी करने में जो भी संज्ञा आदि शब्द संलग्न होते हैं, वे अपनी अलग-अलग भूमिकाओं के अनुसार अलग-अलग कारकों में वाक्य में दिखाई पड़ते हैं; जैसे-“वह हाथों से शिकार को जकड़ लेती थी।” जकड़ना क्रिया तभी संपन्न हो पाएगी जब कोई व्यक्ति ( शिकार) हो, जिसे जकड़ा जाए। इन भूमिकाओं की प्रकृति अलग-अलग है। व्याकरण में ये भूमिकाएँ कारकों के अलग-अलग भेदों; जैसे-कर्ता, कर्म, करण आदि से स्पष्ट होती हैं। अपनी पाठ्यपुस्तक से इस प्रकार के पाँच और उदाहरण खोजकर लिखिए और उन्हें भली-भाँति परिभाषित कीजिए।


इसी पुस्तक के किसी पाठ में है कि कुछ लोगों को कोई खास वस्तु इकट्ठा करने का शौक होता है। कुछ लोग गुड़िया, पुस्तकें, चित्र तो कुछ लोग डाक-टिकट इकट्ठे करते हैं।

  1. यदि तुम्हें भी कोई चीज़ इकट्ठा करने का शौक है, तो उसके बारे में अपने साथियों को बताओ।
  2. अपने या अपने किसी परिचित के बारे में लिखो जो इस तरह की चीज़ें इकट्ठा करता हो। तुम इन चीज़ों के बारे में लिख सकते हो -

(क) उन्हें कौन-सी चीज़ इकट्ठा करने का शौक है?

(ख) वे इन्हें कहाँ-कहाँ से इकट्ठा करते हैं?

(ग) उनके इस शौक की शुरुआत कैसे हुई?

(घ) वे इकट्ठी की गई चीज़ों को कैसे सँभालकर रखते हैं?

(ङ) इन चीज़ों को इकट्ठा करने और रखने में कौन-कौन सी समस्याएँ होती हैं?


नीचे वाक्य दिया हैं जिनमें उपयुक्त मुहावरे भरने से ही वह पूरा हो सकता है। उन्हें पूरा करने के लिए मुहावरे भी दिए गए हैं। तुम सही मुहावरे से वाक्य पूरा करो।

सरसराहट की आवाज़ सुनकर अजय ______।


‘काफ़ी’ शब्द का अर्थ है –पर्याप्त और ‘कॉफ़ी’ का अर्थ होता है एक पेय पदार्थ। दोनों शब्दों की वर्तनी में केवल थोड़ा-सा अंतर होने से अर्थ बदल गया है।

तुम दिए गए शब्द को पढ़ो और वाक्य बनाओ।

बाल, बॉल


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