Advertisements
Advertisements
Question
आपने पिछले साल (सातवीं कक्षा में) बाल महाभारत कथा पढ़ी।भारत की खोज में भी महाभारत के सार को सूत्रबद्ध करने का प्रयास किया गया है-"दूसरों के साथ ऐसा आचरण नहीं करो जो तुम्हें खुद अपने लिए स्वीकार्य न हो।" आप अपने साथियों से कैसे व्यवहार की अपेक्षा करते हैं और स्वयं उनके प्रति कैसा व्यवहार करते हैं? चर्चा कीजिए।
Advertisements
Solution
एक कक्षा या किसी भी कार्यालय में जहाँ अलग-अलग स्वभाव के लोग साथ आकर पढ़ते हैं या काम करते हैं वहाँ समन्वय की भावना का होना अति आवश्यक है। यदि हमारे मन में हमारे सहपाठियों या मित्रों के प्रति द्वेष भावना और ईर्ष्या की भावना होती है, वहाँ रिश्तों में मधुरता नहीं होती ना ही हम किसी के मित्र बन सकते हैं और ना ही एक अच्छा मित्र बन पाते हैं। जिस जगह पूर्ण निस्वार्थ भाव से मधुर आचरण किया जाता है वहाँ मित्रता का बहुत ही सुंदर रूप देखने को मिलता है।
यदि हम दूसरों के साथ मित्रतापूर्ण आचरण न करें, हमेशा उनके साथ बेरूखा व्यवहार करें, मधुरता का जवाब क्रोधपूर्ण व्यवहार के साथ देंगे तो हमें कभी उसकी जगह मधुरता व प्रेम प्राप्त नहीं हो सकेगा। हम सदैव अकेले व उग्र स्वभाव के हो जाएँगे। सभी हमसे बात करने से कतराएँगे व हमारे प्रति अपने मन में कटुभावना रखेंगे। इसके विपरीत यदि हम सबके साथ मधुरतापूर्ण आचरण रखें, प्रेम भाव से सबका सम्मान करें तो हमें भी उनसे वही मधुरता व वही सम्मान प्राप्त होगा। हम हर मनुष्य को अपना मित्र बना पाएँगे, लोगों के हृदय में आदरभाव की भावना को उत्पन्न कर पाएँगे। इसलिए महाभारत में कहा गया है कि दूसरों के साथ ऐसा आचरण नहीं करो जो तुम्हें खुद अपने लिए स्वीकार्य न हो।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
"सार्वजनिक काम राजा की मर्ज़ी के मोहताज़ नहीं होते, उसे खुद हमेशा इनके लिए तैयार रहना चाहिए।" ऐसे कौन-कौन से सार्वजनिक कार्य हैं जिन्हें आप बिना किसी हिचकिचाहट के करने को तैयार हो जाते हैं?
"पिताजी बोले, क्या मतलब? मैं कालीन बरबाद करवा लूँ?" ऊपर दिए गए वाक्य पर ध्यान दो और बताओ कि -
(क) पिताजी ने यह बात किससे कही?
(ख) उन्होंने यह बात क्यों कही?
(ग) गौरैयों के आने से कालीन कैसे बरबाद होता?
क्या होता अगर
बूढ़ी अम्मा की बात पर गोमा ध्यान न देता?
वर्षा और पेड़ों के संबंधों के बारे में सोचो। पाँच-पाँच बच्चों के समूह बनाकर इस बारे में बातचीत करो। फिर सबको अपने समूह के विचार बताओ।
यह मालवा (मध्यप्रदेश) की एक लोककथा है। तुम्हारे प्रांत की भाषा/बोली में भी कुछ लोककथाएँ होंगी जिसे लोग सुनते-सुनाते होंगे। उनमें से तुम अपनी पसंद की किसी लोक कथा को अपनी कॉपी में लिखो और अपने मित्रों को सुनाओ।
केशव ने कार्टून बनाना, गुड़ियों व पुस्तकों का संग्रह करना, पत्रिका में लिखना व पत्रिका निकालना, बाल चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन व बच्चों का सम्मेलन कराना जैसे तरह-तरह के काम किए। उनको किसी एक काम के लिए भी तरह-तरह के काम करने पड़े होंगे। अब बताओ कि–
(क) कार्टून बनाने के लिए उन्हें कौन-कौन से काम करने पड़े होंगे?
(ख) बच्चों के लिए बाल चित्रकला प्रतियोगिता कराने के लिए क्या-क्या करना पड़ा होगा?
(ग) केशव शंकर पिल्लै की तरह कुछ और भी लोग हुए हैं जिन्होंने तरह-तरह के काम करके काफी नाम कमाया। तुम्हारी पसंद के वो कौन-कौन लोग हो सकते हैं? तुम उनमें से कुछ के नाम लिखो और उन्होंने जो कुछ विशेष काम किए हैं उनके नाम के आगे उसका भी उल्लेख करो।
नीचे लिखे वाक्य में मुहावरे का प्रयोग किया गया है। इस मुहावरे का प्रयोग करते हुए तुम कुछ नए वाक्य बनाओ।
अंग्रेज़ों के होश उड़ गए।
आदिवासियों के साथ मन-मर्जी नहीं की जा सकती। उसके पास कई मन गेहूँ था।
ऊपर के पहले वाक्य में 'मन' का मतलब है –दिल, हृदय।
दूसरे वाक्य में 'मन' नाप-तौल का एक शब्द है। इस तरह मन के दो अर्थ हैं। ऐसे शब्दों को अनेकार्थक शब्द कहते हैं। नीचे दिए गए शब्दों को पढ़ो और वाक्य बनाओ।
|
सोना |
– |
सो जाना (नींद) |
|
उत्तर |
– |
एक दिशा |
|
हार |
– |
पराजय, हार जाना |
वापसी में वल्ली ने खिड़की के बाहर देखना बंद क्यों कर दिया?
नरेंद्र के सारे पैसे क्यों खत्म हो गए?
“आदर्शों की बातें करना तो बहुत आसान है पर उन पर चलना बहुत कठिन है।” क्या आप इस बात से सहमत हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।
मनुष्य के व्यवहार में ही दूसरों को विरोधी बना लेने वाले दोष होते हैं। यह भावार्थ किस दोहे से व्यक्त होता है?
गवरइया और गवरे की बहस के तर्को को एकत्र करें और उन्हें संवाद के रूप में लिखें।
''या तो बच्चा राज कायम कर लो या मुझे ही रख लो।'' अम्मा ने कब कहा? और इसका परिणाम क्या हुआ?
'कामचोर' कहानी क्या संदेश देती है?
“आरामदेह’ शब्द में ‘देह’ प्रत्यय है‘देह’ ‘देने वाला’ के अर्थ में प्रयुक्त होता हैदेने वाला के अर्थ में ‘द’, ‘प्रद’, ‘दाता’, ‘दाई’ आदि का प्रयोग भी होता है, जैसे-सुखद, सुखदाता, सुखदाई, सुखप्रद उपर्युक्त समानार्थी प्रत्ययों को लेकर दो-दो शब्द बनाइए
इस कहानी में अपने दो चीजों के बारे में मजेदार कहानियाँ पढ़ीं-अकबरी लोटे की कहानी और जहाँगीरी अंडे की कहानीआपके विचार से ये कहानियाँ सच्ची हैं या काल्पनिक?
| में | ने | को | का | के लिए | से | पर |
तालिका में से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानों में भरो।
सीमा ______ फल खाए।
‘काफ़ी’ शब्द का अर्थ है –पर्याप्त और ‘कॉफ़ी’ का अर्थ होता है एक पेय पदार्थ। दोनों शब्दों की वर्तनी में केवल थोड़ा-सा अंतर होने से अर्थ बदल गया है।
तुम दिए गए शब्द को पढ़ो और वाक्य बनाओ।
बाल, बॉल
उनमें से तुम्हें सबसे उपयुक्त क्या और क्यों लगता है?
