English

अभिकथन (A): वे जीवाणु (बैक्टीरिया) जो अधिक ताप को सहन कर सकते हैं, उनके (उष्ण वातावरण) ऊष्मा लहर में जीवित रहने की संभावना अधिक होती है। कारण (R): किसी स्पीशीज़ (प्रजाति) में विभिन्नताओं

Advertisements
Advertisements

Question

अभिकथन (A): वे जीवाणु (बैक्टीरिया) जो अधिक ताप को सहन कर सकते हैं, उनके (उष्ण वातावरण) ऊष्मा लहर में जीवित रहने की संभावना अधिक होती है।

कारण (R): किसी स्पीशीज़ (प्रजाति) में विभिन्नताओं के एकत्रित (संचयन) होने से परिवर्तनशील पर्यावरण में उसके जीवित रहने की संभावना में वृद्धि हो जाती है।

Options

  • अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।

  • अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।

  • अभिकथन (A) सही है, परन्तु कारण (R) गलत है।

  • अभिकथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।

MCQ
Assertion and Reasoning
Advertisements

Solution

अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।

स्पष्टीकरण:

ऊष्मा-सहिष्णु बैक्टीरिया, ऊष्मा के प्रति संवेदनशील बैक्टीरिया की तुलना में लू (heat wave) में जीवित रहने की अधिक संभावना रखते हैं। यह प्राकृतिक चयन का परिणाम है जो किसी प्रजाति के भीतर मौजूद विभिन्नताओं पर कार्य करता है।

किसी प्रजाति में आनुवंशिक विविधता के कारण कुछ व्यक्तियों में ऊष्मा सहन करने जैसे गुण हो सकते हैं। जब पर्यावरण में परिवर्तन होता है (जैसे हीट वेव के दौरान), तो जो व्यक्ति जीवित रहते हैं और प्रजनन करते हैं, वे जनसंख्या के आगे बने रहने की संभावना को बढ़ाते हैं।

shaalaa.com
  Is there an error in this question or solution?
2025-2026 (March) 31/5/1
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×