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Question
अभिकथन (A): किसी पारितंत्र में सामान्यतः निचले पोषी स्तरों पर व्यष्टियों (जीवों) की संख्या अधिक होती है।
कारण (R): उत्पादक स्तर पर यह संख्या सर्वाधिक होती है।
Options
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
अभिकथन (A) सही है, परन्तु कारण (R) ग़लत है।
अभिकथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।
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Solution
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
स्पष्टीकरण:
पारितंत्र में निचले पोषी स्तर (जैसे उत्पादक) पर जीवों की संख्या अधिक होती है क्योंकि वे ऊर्जा का मुख्य स्रोत होते हैं। उत्पादक स्तर पर संख्या सबसे अधिक होने के कारण, ऊपर के स्तरों पर यह संख्या क्रमशः घटती जाती है। इसलिए कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
