Advertisements
Advertisements
Question
अभिकथन (A): बिना बुझे हुए चूने की जल के साथ अभिक्रिया एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
कारण (R): बिना बुझे हुए चूने की जल के साथ अभिक्रिया होने पर प्रचुर मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न होती है।
Options
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
अभिकथन (A) सही है, परन्तु कारण (R) ग़लत है।
अभिकथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।
Advertisements
Solution
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
स्पष्टीकरण:
बिना बुझा चूना (CaO) जल के साथ अभिक्रिया करके बुझा हुआ चूना (Ca(OH)2) बनाता है।
\[\ce{CaO + H2O -> Ca(OH)2 + {ऊष्मा}}\]
इस अभिक्रिया में बड़ी मात्रा में ऊष्मा उत्सर्जित होती है। इसलिए, यह एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है। अतः, अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं, और कारण सही ढंग से यह स्पष्ट करता है कि यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी क्यों है।
