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आयुर्विज्ञान के एक नैदानिक उपकरण में प्रयोग में लाई जाने वाली वैद्युत चुंबकीय तरंगों का तरंगदैर्ध्य - परिसर होता है।

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Question

आयुर्विज्ञान के एक नैदानिक उपकरण में प्रयोग में लाई जाने वाली वैद्युत चुंबकीय तरंगों का तरंगदैर्ध्य - परिसर होता है।

Options

  • 1 nm से 10−3 nm

  • 400 nm से 1 nm

  • 1 mm से 700 nm

  • 0.1 m से 1 mm

MCQ
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Solution

1 nm से 10−3 nm

स्पष्टीकरण:

आयुर्विज्ञान में निदान हेतु उपयोग की जाने वाली वैद्युतचुंबकीय तरंगें मुख्यतः क्ष-किरणें होती हैं। क्ष-किरणों का व्यापक उपयोग रेडियोग्राफी, सीटी स्कैन तथा दंत चित्रण में किया जाता है।

क्ष-किरणों की तरंगदैर्ध्य लगभग 10−3 nm से 10 nm तक होती है।

निदानात्मक क्ष-किरणें 1 nm से 10−3 nm के बीच होती हैं।

चिकित्सीय चित्रण में मुख्यतः क्ष-किरणों (निदानात्मक चित्रण) का उपयोग किया जाता है, न कि दृश्य प्रकाश या रेडियो तरंगों का।

अतः क्ष-किरणों के लिए सही तरंगदैर्ध्य परिसर 1 nm से 10−3 nm है।

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2025-2026 (March) 55/1/1
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