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Question
आज़ादी के बाद भी हमारे देश के सामने बहुत सारी चुनौतियाँ हैं। आप समाचारपत्रों को उनके प्रति किस हद तक संवेदनशील पाते हैं?
Long Answer
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Solution
आज़ादी के बाद भी हमारे देश में बहुत-सी चुनौतियाँ हैं। ये चुनौतियाँ हैं:
- निर्धनता से निपटने की चुनौती
- बेरोजगारी से निपटने की चुनौती।
- भ्रष्टाचार की चुनौती।
- देश की एकता बनाए रखने की चुनौती।
- आतंकवाद का मुकाबला करने की चुनौती।
- सांप्रदायिकता से निपटने की चुनौती।
हम समाचार-पत्रों को इन चुनौतियों के प्रति काफी हद तक संवेदनशील पाते हैं। वे अपने दायित्व का निर्वहन, इनसे पीड़ित लोगों की आवाज सरकार तक पहुँचाकर कर रहे हैं, जिससे सरकार और अन्य स्वयंसेवी संस्थाएँ इनको हल करने के लिए आगे आती हैं। हाँ, छोटे समाचार-पत्र अपनी सीमा निश्चित होने के कारण कई बार दबाव में आकर उतने संवेदनशील नहीं हो पाते हैं।
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