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‘आज के बच्चे कल का भविष्‍य’, इस बारे में स्‍वमत लिखिए। - Hindi [हिंदी]

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Question

‘आज के बच्चे कल का भविष्‍य’, इस बारे में स्‍वमत लिखिए।

Answer in Brief
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Solution

बच्चों के पहले शिक्षक उनके माता-पिता होते हैं, लेकिन स्कूल वह संस्थान है जहां बच्चों के चरित्र से लेकर भविष्य तक का निर्माण होता है। बच्चों को अच्छे संस्कार की नितांत आवश्यकता है। इन्हें संस्कारी बनाना माता-पिता की बड़ी जिम्मेदारी है। जैसा आपका आचरण होगा, वैसे ही संस्कार बच्चों को मिलेंगे। आप क्या कर रहे हो, यह देख कर ही सीखते हैं। बच्चे ही इस देश का भविष्य है। इसलिए ये जरूरी है कि उनकी शिक्षा एवं कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जाए। हम जितनी बेहतर तरह से बच्चों की देखभाल करेंगे, राष्ट्र निर्माण भी उतना ही बेहतर होगा। बाल दिवस समारोह का आयोजन देश के भविष्य के निर्माण में बच्चों के महत्व को बताता है। बच्चे राष्ट्र की बहुमूल्य सम्पत्ति होने के साथ ही भविष्य और कल की उम्मीद हैं, इसलिए उन्हें उचित देख-रेख और प्यार मिलना चाहिए। बच्चों के विकास, उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य को लेकर सरकार ने कई योजनाएँ बनाई हैं। लेकिन आज भी बहुत से बच्चों को उनका अधिकार नहीं मिल पाता है। बाल दिवस का अर्थ पूर्ण रुप से तब तक सार्थक नहीं हो सकता, जब तक हमारे देश में हर बच्चे को उसके मौलिक बाल अधिकारों की प्राप्ति ना हो जाए। बाल शोषण और बाल मजदूरी का पूरी तरह से खात्मा होना चाहिए। आर्थिक कारणों से कोई बच्चा शिक्षा पाने से वंचित नहीं रहना चाहिए। बाल कल्याण के लिए चल रही सभी योजनाओं का लाभ बच्चों तक पहुँचना चाहिए। बाल दिवस के अवसर पर हम सब को मिलकर बाल अधिकारों के प्रति जागरुकता फैलानी चाहिए। तब हम कह सकते है, आज के बच्चे कल के भारत का भविष्य हैं। आज के बच्चे आने वाले कल के नागरिक होते हैं, जो समाज को नई दिशा देते हैं और यह बच्चे हमारे देश का भविष्‍य बनते है।

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ताई
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Chapter 2.02: ताई - स्वाध्याय [Page 60]

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Balbharati Hindi Kumarbharati [Hindi] Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 2.02 ताई
स्वाध्याय | Q ३ | Page 60
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