English

72 g mol−1 अणु द्रव्यमान का एक हाइड्रोकार्बन प्रकाश में क्लोरीनन से केवल एक मोनोक्लोरो और दो डाइक्लोरो व्युत्पन्न देता है। हाइड्रोकार्बन की संरचना लिखिए। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

72 g mol−1 अणु द्रव्यमान का एक हाइड्रोकार्बन प्रकाश में क्लोरीनन से केवल एक मोनोक्लोरो और दो डाइक्लोरो व्युत्पन्न देता है। हाइड्रोकार्बन की संरचना लिखिए।
Short/Brief Note
Advertisements

Solution

C5H12, पेन्टेन का अणु द्रव्यमान 72 g mol−1 है यानी पेन्टेन के उस समावयवी में जो एक मोनोक्लोरो-व्युत्पन्न बनाता है, सभी 12 हाइड्रोजन एकसमान होने चाहिए। अत: हाइड्रोकार्बन है-

\[\begin{array}{cc}
\phantom{...}\ce{CH3}\\
\phantom{}|\\
\ce{CH3 - C - CH3}\\
\phantom{}|\\
\phantom{...}\ce{CH3}
\end{array}\]

मोनोक्लोरो व्युत्पन्न:

\[\begin{array}{cc}
\phantom{.}\ce{CH3}\\
|\phantom{..}\\
\ce{CH3 - C - CH2Cl}\\
|\phantom{..}\\
\phantom{.}\ce{CH3}
\end{array}\]

डाइक्लोरो व्युत्पन्न:

(i)
\[\begin{array}{cc}
\phantom{.}\ce{CH3}\\
|\phantom{..}\\
\ce{CH3 - C - CHCl2}\\
|\phantom{..}\\
\phantom{.}\ce{CH3}
\end{array}\]

(ii)
\[\begin{array}{cc}
\phantom{...}\ce{CH2Cl}\\
|\phantom{..}\\
\ce{H3C - C - CH2Cl}\\
|\phantom{..}\\
\phantom{.}\ce{CH3}
\end{array}\]

shaalaa.com
ऐल्किल हैलाइडों के विरचन की विधियाँ
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 10: हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन - अभ्यास [Page 153]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन
अभ्यास | Q III. 60. | Page 153

RELATED QUESTIONS

C5H12 अणुसूत्र वाले समावयवी ऐल्केनो में से उसको पहचानिए जो प्रकाशरासायनिक क्लोरीनन पर देता है –

केवल एक मोनोक्लोराइड।


C5H12 अणुसूत्र वाले समावयवी ऐल्केनो में से उसको पहचानिए जो प्रकाश रासायनिक क्लोरीनन पर देता है –

तीन समावयवी मोनोक्लोराइड।


निम्नलिखित कार्बनिक हैलोजेन यौगिकों की संरचना दीजिए –

1, 4-डाइब्रोमोब्यूट-2-ईन


निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य कार्बनिक उत्पाद की संरचना लिखिए –

\[\ce{CH3CH2CH2Cl + NaI ->[{ऐसीटोन}][{उष्मा}]}\]


निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य कार्बनिक उत्पाद की संरचना लिखिए –

\[\ce{CH3CH = C(CH3)2 + HBr ->}\]


निम्नलिखित परिवर्तन कैसे संपन्न किए जा सकते हैं?

2-मेथिल-1-प्रोपीन से 2-क्लोरो-2-मेथिलप्रोपेन


प्राथमिक ऐल्किल हैलाइड C4H9Br (क), ऐल्कोहॉलिक KOH में अभिक्रिया द्वारा यौगिक (ख) देता है। यौगिक ‘ख’ HBr के साथ अभिक्रिया से यौगिक ‘ग’ देता है जो कि यौगिक ‘क’ का समावयवी है। जब यौगिक ‘क’ की अभिक्रिया सोडियम धातु से होती है तो यौगिक ‘घ’ C8H18 बनता है, जो कि ब्यूटिल ब्रोमाइड की सोडियम से अभिक्रिया द्वारा बने उत्पाद से भिन्न है। यौगिक ‘क’ का संरचना सूत्र दीजिए तथा सभी अभिक्रियाओं की समीकरण दीजिए।


ऐल्कोहॉलों की हैलोजन अम्लों के साथ अभिक्रियाशीलता का क्रम ______ होगा।

(A) CH3CH2—CH2—OH

(B) \[\begin{array}{cc}
\ce{CH3CH2-CH-OH}\\
\phantom{...}|\\
\phantom{......}\ce{CH3}
\end{array}\]

(C) \[\begin{array}{cc}
\phantom{........}\ce{CH3}\\
\phantom{.....}|\\
\ce{CH3CH2-C-OH}\\
\phantom{.....}|\\
\phantom{.......}\ce{CH3}
\end{array}\]


ऐल्किल हैलाइड को ऐल्कोहॉल की _____ से अभिक्रिया द्वारा बनाया जा सकता है।

(i) HCl + ZnCl2

(ii) लाल P + Br2

(iii) H2SO4 + KI

(iv) उपरोक्त सभी


अभिकथन - ऐल्कोहॉल से ऐल्किल क्लोराइड बनाने के लिए फ़ॉस्फ़ोरस क्लोराइडों (ट्राइ एव पेन्टा) को थायोनिल क्लोराइड के स्थान पर वरीयता दी जाती है।

तर्क - फ़ॉस्फ़ोरस क्लोराइड शुद्ध ऐल्किल हैलाइड देते हैं।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×