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2.0 kg ड्यूटीरियम के संलयन से एक 100 वाट का विद्युत लैम्प कितनी देर प्रकाशित रखा जा सकता है? संलयन अभिक्रिया निम्नवत् ली जा सकती है। X12X2122H+X12X2122H⟶X23X2223He+n+3.27MeV - Physics (भौतिक विज्ञान)

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Question

2.0 kg ड्यूटीरियम के संलयन से एक 100 वाट का विद्युत लैम्प कितनी देर प्रकाशित रखा जा सकता है? संलयन अभिक्रिया निम्नवत् ली जा सकती है।

\[\ce{_1^2H + _1^2H -> _2^3He + n + 3.27 MeV}\]

Numerical
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Solution

लैंप की शक्ति P = 100 W, ड्यूटीरियम का द्रव्यमान m = 2.0 kg 

दी गई समीकरण \[\ce{_1^2H + _1^2H -> _2^3He + n + 3.27 MeV}\] 

इस समीकरण से स्पष्ट है कि इस अभिक्रिया में \[\ce{_1^2H}\] के दो नाभिकों के संलयन से 3.27 MeV ऊर्जा उत्पन्न होती है।

∵ 2g ड्यूटीरियम में उपस्थित नाभिकों की संख्या = 6.02 × 1023 

∴ 2.0 kg (= 2000 g) में उपस्थित नाभिकों की संख्या = `(6.02 xx 10^23 xx 2000)/2`

= 6.02 × 1026

दो नाभिकों के संलयन से उत्पन्न ऊर्जा = 3.27 MeV

= 3.27 × 1.6 × 10-13 J

∴ 2 kg अथवा 6.02 × 1026 नाभिकों के संलयन से उत्पन्न ऊर्जा

= 3.27 × 1.6 × 10-13 × 6.02 × 1026 J

= 3.27 × 1.6 × 6.02 × 1013 J

माना इस ऊर्जा से लैंप को t s तक प्रकाशित रखा जा सकता है, तब

लैंप द्वारा व्यय ऊर्जा = 100 W × ts = 100 t J

∴ 100 t = 3.27 × 1.6 × 6.02 × 1013

⇒ t = 3.27 × 1.6 × 6.02 × 1011 s

= `(3.27 xx 1.6 xx 6.02 xx 10^11)/(365 xx 24 xx 60 xx 60) "वर्ष" = 4.9 xx 10^4` वर्ष

अर्थात लैंप को 4.9 × 104 वर्ष तक प्रकाशित रखा जा सकता है।

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नाभिकीय ऊर्जा - नियंत्रित ताप नाभिकीय संलयन
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