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NCERT solutions for भौतिकी पार्ट १ और २ [हिंदी] इयत्ता १२ chapter 9 - किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र [Latest edition]

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NCERT solutions for भौतिकी पार्ट १ और २ [हिंदी] इयत्ता १२ chapter 9 - किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र - Shaalaa.com
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Solutions for Chapter 9: किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र

Below listed, you can find solutions for Chapter 9 of CBSE NCERT for भौतिकी पार्ट १ और २ [हिंदी] इयत्ता १२.


अभ्यास
अभ्यास [Pages 347 - 352]

NCERT solutions for भौतिकी पार्ट १ और २ [हिंदी] इयत्ता १२ 9 किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र अभ्यास [Pages 347 - 352]

9.1Page 347

2.5 cm साइज़ की कोई छोटी मोमबत्ती 36 cm वक्रता त्रिज्या के किसी अवतल दर्पण से 27 cm दूरी पर रखी है। दर्पण से किसी परदे को कितनी दूरी पर रखा जाए कि उसका सुस्पष्ट प्रतिबिंब परदे पर बने। प्रतिबिंब की प्रकृति और साइज़ का वर्णन कीजिए। यदि मोमबत्ती को दर्पण की ओर ले जाएँ, तो परदे को किस ओर हटाना पड़ेगा?

9.2Page 347

4.5 cm साइज़ की कोई सुई 15 cm फोकस दूरी के किसी उत्तल दर्पण से 12 cm दूर रखी है। प्रतिबिंब की स्थिति तथा आवर्धन लिखिए। क्या होता है जब सुई को दर्पण से दूर ले जाते हैं? वर्णन कीजिए।

9.3Page 347

कोई टैंक 12.5 cm ऊँचाई तक जल से भरा है। किसी सूक्ष्मदर्शी द्वारा बीकर की तली पर पड़ी किसी सुई की आभासी गहराई 9.4 cm मापी जाती है। जल का अपवर्तनांक क्या है? बीकर में उसी ऊँचाई तक जल के स्थान पर किसी 1.63 अपवर्तनांक के अन्य द्रव से प्रतिस्थापन करने पर सुई को पुनः फोकसित करने के लिए सूक्ष्मदर्शी को कितना ऊपर/नीचे ले जाना होगा?

9.4Page 347

चित्र (a) तथा (b) में किसी आपतित किरण का अपवर्तन दर्शाया गया है जो वायु में क्रमशः काँच-वायु तथा जल-वायु अंतरापृष्ठ के अभिलंब से 60° का कोण बनाती है। उस आपतित किरण का अपवर्तन कोण ज्ञात कीजिए, जो जल में जल-काँच अंतरापृष्ठ के अभिलंब से 45° का कोण बनाती है [चित्र (c)]।

(a) (b) (c)
9.5Page 348

जल से भरे 80 cm गहराई के किसी टैंक की तली पर कोई छोटा बल्ब रखा गया है। जल के पृष्ठ का वह क्षेत्र ज्ञात कीजिए जिससे बल्ब का प्रकाश निर्गत हो सकता है। जल का अपवर्तनांक 1.33 है। (बल्ब को बिंदु प्रकाश स्रोत मानिए।)

9.6Page 348

कोई प्रिज्म अज्ञात अपवर्तनांक के काँच का बना है। कोई समांतर प्रकाश-पुंज इस प्रिज्म के किसी फलक पर आपतित होता है। प्रिज्म का न्यूनतम विचलन कोण 40° मापा गया। प्रिज्म के पदार्थ का अपवर्तनांक क्या है? प्रिज्म का अपवर्तन कोण 60° है। यदि प्रिज्म को जल (अपवर्तनांक 1.33) में रख दिया जाए तो प्रकाश के समांतर पुंज के लिए नए न्यूनतम विचलन कोण का परिकलन कीजिए।

9.7Page 348

अपवर्तनांक 1.55 के काँच से दोनों फलकों की समान वक्रता त्रिज्या के उभयोत्तल लेंस निर्मित करने हैं। यदि 20 cm फोकस दूरी के लेंस निर्मित करने हैं तो अपेक्षित वक्रता त्रिज्या क्या होगी?

9.8Page 348

कोई प्रकाश-पुंज किसी बिंदु P पर अभिसरित होता है। कोई लेंस इस अभिसारी पुंज के पथ में बिंदु P से 12 cm दूर रखा जाता है। यदि यह

  1. 20 cm फोकस दूरी का उत्तल लेंस है,
  2. 16 cm फोकस दूरी का अवतल लेंस है तो प्रकाश-पुंज किस बिंदु पर अभिसरित होगा?
9.9Page 348

3.0 cm ऊँची कोई बिंब 21 cm फोकस दूरी के अवतल लेंस के सामने 14 cm दूरी पर रखी है। लेंस द्वारा निर्मित प्रतिबिंब का वर्णन कीजिए। क्या होता है जब बिंब लेंस से दूर हटती जाती है?

9.10Page 348

किसी 30 cm फोकस दूरी के उत्तल लेंस के संपर्क में रखे 20 cm फोकस दूरी के अवतल लेंस के संयोजन से बने संयुक्त लेंस (निकाय) की फोकस दूरी क्या है? यह तंत्र अभिसारी लेंस है अथवा अपसारी? लेंसों की मोटाई की उपेक्षा कीजिए।

9.11Page 348

किसी संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में 2.0 cm फोकस दूरी का अभिदृश्यक लेंस तथा 6.25 cm फोकस दूरी का नेत्रिका लेंस एक-दूसरे से 15 cm दूरी पर लगे हैं। किसी बिंब को अभिदृश्यक से कितनी दूरी पर रखा जाए कि अंतिम प्रतिबिंब

  1. स्पष्ट दृष्टि की अल्पतम दूरी (25 cm), तथा
  2. अनंत पर बने?

दोनों स्थितियों में सूक्ष्मदर्शी की आवर्धन क्षमता ज्ञात कीजिए।

9.12Page 348

25 cm के सामान्य निकट बिंदु को कोई व्यक्ति ऐसे संयुक्त सूक्ष्मदर्शी जिसका अभिदृश्यक 8.0 mm फोकस दूरी तथा नेत्रिका 2.5 cm फोकस दूरी की है, का उपयोग करके अभिदृश्यक से 9.0 mm दूरी पर रखे बिंब को सुस्पष्ट फोकसित कर लेता है। दोनों लेंसों के बीच पृथकन दूरी क्या है? सूक्ष्मदर्शी की आवर्धन क्षमता क्या है?

9.13Page 348

किसी छोटी दूरबीन के अभिदृश्यक की फोकस दूरी 144 cm तथा नेत्रिका की फोकस दूरी 6.0 cm है। दूरबीन की आवर्धन क्षमता कितनी है? अभिदृश्यक तथा नेत्रिका के बीच पृथक्कन दूरी क्या है?

9.14Page 348
  1. किसी वेधशाला की विशाल दूरबीन के अभिदृश्यक की फोकस दूरी 15 m है। यदि 1.0 cm फोकस दूरी की नेत्रिका प्रयुक्त की गयी है तो दूरबीन का कोणीय आवर्धन क्या है?
  2. यदि इस दूरबीन का उपयोग चंद्रमा का अवलोकन करने में किया जाए तो अभिदृश्यक लेंस द्वारा निर्मित चंद्रमा के प्रतिबिंब का व्यास क्या है? चंद्रमा का व्यास 3.48 × 106 m तथा चंद्रमा की कक्षा की त्रिज्या 3.8 × 108 m है।
9.15 (a)Page 349

दर्पण-सूत्र का उपयोग यह व्युत्पन्न करने के लिए कीजिए कि किसी अवतल दर्पण के f तथा 2f के बीच रखे बिंब का वास्तविक प्रतिबिंब 2f से दूर बनता है।

9.15 (b)Page 349

दर्पण-सूत्र का उपयोग यह व्युत्पन्न करने के लिए कीजिए कि उत्तल दर्पण द्वारा सदैव आभासी प्रतिबिंब बनता है जो बिंब की स्थिति पर निर्भर नहीं करता।

9.15 (c)Page 349

दर्पण-सूत्र का उपयोग यह व्युत्पन्न करने के लिए कीजिए कि उत्तल दर्पण द्वारा सदैव आकार में छोटा प्रतिबिंब, दर्पण के ध्रुव व फोकस के बीच बनता है।

9.15 (d)Page 349

दर्पण-सूत्र का उपयोग यह व्युत्पन्न करने के लिए कीजिए कि अवतल दर्पण के ध्रुव तथा फोकस के बीच रखे बिंब का आभासी तथा बड़ा प्रतिबिंब बनता है।

9.16Page 349

किसी मेज के ऊपरी पृष्ठ पर जड़ी एक छोटी पिन को 50 cm ऊँचाई से देखा जाता है। 15 cm मोटे आयताकार काँच के गुटके को मेज के पृष्ठ के समांतर पिन व नेत्र के बीच रखकर उसी बिंदु से देखने पर पिन नेत्र से कितनी दूर दिखाई देगी? काँच की अपवर्तनांक 1.5 है। क्या उत्तर गुटके की अवस्थिति पर निर्भर करता है?

9.17Page 349
  1. चित्र में अपवर्तनांक 1.68 के तंतु काँच से बनी किसी 'प्रकाश नलिका' (लाइट पाइप) का अनुप्रस्थ परिच्छेद दर्शाया गया है। नलिका का बाह्य आवरण 1.44 अपवर्तनांक के पदार्थ का बना है। नलिका के अक्ष से आपतित किरणों के कोणों का परिसर, जिनके लिए चित्र में दर्शाए अनुसार नलिका के भीतर पूर्ण परावर्तन होते हैं, ज्ञात कीजिए।
  2. यदि पाइप पर बाह्य आवरण न हो तो क्या उत्तर होगा?

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

9.18 - (a)Page 349

आपने सीखा है कि समतल तथा उत्तल दर्पण सदैव आभासी प्रतिबिंब बनाते हैं। क्या ये दर्पण किन्हीं परिस्थितियों में वास्तविक प्रतिबिंब बना सकते हैं? स्पष्ट कीजिए।

9.18 - (b)Page 349

हम सदैव कहते हैं कि आभासी प्रतिबिंब को परदे पर केन्द्रित नहीं किया जा सकता। यद्यपि जब हम किसी आभासी प्रतिबिंब को देखते हैं तो हम इसे स्वाभाविक रूप में अपनी आँख की स्क्रीन (अर्थात् रेटिना) पर लेते हैं। क्या इसमें कोई विरोधाभास है?

9.18 - (c)Page 349

किसी झील के तट पर खड़ा मछुआरा झील के भीतर किसी गोताखोर द्वारा तिरछा देखने पर अपनी वास्तविक लम्बाई की तुलना में कैसा प्रतीत होगा-छोटा अथवा लम्बा?

9.18 - (d)Page 349

क्या तिरछा देखने पर किसी जल के टैंक की आभासी गहराई परिवर्तित हो जाती है? यदि हाँ, तो आभासी गहराई घटती है अथवा बढ़ जाती है।

9.18 - (e)Page 350

सामान्य काँच की तुलना में हीरे का अपवर्तनांक काफी अधिक होता है? क्या हीरे को तराशने वालों के लिए इस तथ्य का कोई उपयोग होता है?

9.19Page 350

किसी कमरे की एक दीवार पर लगे विद्युत बल्ब का किसी बड़े आकार के उत्तल लेंस द्वारा 3 m दूरी पर स्थित सामने की दीवार पर प्रतिबिंब प्राप्त करना है। इसके लिए उत्तल लेंस की अधिकतम फोकस दूरी क्या होनी चाहिए?

9.20Page 350

किसी परदे को बिंब से 90 cm दूर रखा गया है। परदे पर किसी उत्तल लेंस द्वारा उसे एक-दूसरे से 20 cm दूर स्थितियों पर रखकर, दो प्रतिबिंब बनाए जाते हैं। लेंस की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए।

9.21Page 350
  1. दो लेंसों के संयोजन की प्रभावी फोकस दूरी उस स्थिति में ज्ञात कीजिए जब उनके मुख्य अक्ष संपाती हैं तथा ये एक-दूसरे से 8 cm दूरी पर रखे हैं। क्या उत्तर आपतित समांतर प्रकाश पुंज की दिशा पर निर्भर करेगा? क्या इस तंत्र के लिए प्रभावी फोकस दूरी किसी भी रूप में उपयोगी है?
  2. उपर्युक्त व्यवस्था (a) में 1.5 cm ऊँचा कोई बिंब उत्तल लेंस की ओर रखा है। बिंब की उत्तल लेंस से दूरी 40 cm है। दो लेंसों के तंत्र द्वारा उत्पन्न आवर्धन तथा प्रतिबिंब का आकार ज्ञात कीजिए।
9.22Page 350

60° अपवर्तन कोण के प्रिज्म के फलक पर किसी प्रकाशकिरण को किस कोण पर आपतित कराया जाए कि इसका दूसरे फलक से केवल पूर्ण आंतरिक परावर्तन ही हो? प्रिज्म के पदार्थ का अपवर्तनांक 1.524 है।

9.23Page 350

कोई कार्ड शीट जिसे 1 mm2 साइज़ के वर्गों में विभाजित किया गया है, को 9 cm दूरी पर रखकर किसी आवर्धक लेंस (9 cm फोकस दूरी का अभिसारी लेंस) द्वारा उसे नेत्र के निकट रखकर देखा जाता है।

  1. लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन (प्रतिबिंब-साइज़/वस्तु-साइज़) क्या है? आभासी प्रतिबिंब में प्रत्येक वर्ग का क्षेत्रफल क्या है?
  2. लेंस का कोणीय आवर्धन (आवर्धन क्षमता) क्या है?
  3. क्या (a) में आवर्धन क्षमता (b) में आवर्धन के बराबर है? स्पष्ट कीजिए।
9.24Page 350
  1. प्रश्न 9.23 में लेंस को चित्र से कितनी दूरी पर रखा जाए ताकि वर्गों को अधिकतम संभव आवर्धन क्षमता के साथ सुस्पष्ट देखा जा सके।
  2. इस उदाहरण में आवर्धन (प्रतिबिंब-साइज़/वस्तु-साइज़) क्या है?
  3. क्या इस प्रक्रम में आवर्धन, आवर्धन क्षमता के बराबर है? स्पष्ट कीजिए।
9.25Page 350

वस्तु तथा आवर्धक लेंस के बीच कितनी दूरी होनी चाहिए ताकि आभासी प्रतिबिंब में प्रत्येक वर्ग 6.25 mm2 क्षेत्रफल का प्रतीत हो? क्या आप आवर्धक लेंस को नेत्र के अत्यधिक निकट रखकर इन वर्गों को सुस्पष्ट देख सकेंगे।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

9.26 - (a)Page 351

किसी वस्तु द्वारा नेत्र पर अंतरित कोण आवर्धक लेंस द्वारा उत्पन्न आभासी प्रतिबिंब द्वारा नेत्र पर अंतरित कोण के बराबर होता है। तब फिर किन अर्थों में कोई आवर्धक लेंस कोणीय आवर्धन प्रदान करता है?

9.26 - (b)Page 351

किसी आवर्धक लेंस से देखते समय प्रेक्षक अपने नेत्र को लेंस से अत्यधिक सटाकर रखता है। यदि प्रेक्षक अपने नेत्र को पीछे ले जाए तो क्या कोणीय आवर्धन परिवर्तित हो जाएगा?

9.26 - (c)Page 351

किसी सरल सूक्ष्मदर्शी की आवर्धन क्षमता उसकी फोकस दूरी के व्युत्क्रमानुपाती होती है। तब हमें अधिकाधिक आवर्धन क्षमता प्राप्त करने के लिए कम-से-कम फोकस दूरी के उत्तल लेंस का उपयोग करने से कौन रोकता है?

9.26 - (d)Page 351

किसी संयुक्त सूक्ष्मदर्शी के अभिदृश्यक लेंस तथा नेत्रिका लेंस दोनों ही की फोकस दूरी कम क्यों होनी चाहिए?

9.26 - (e)Page 351

संयुक्त सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखते समय सर्वोत्तम दर्शन के लिए हमारे नेत्र, नेत्रिका पर स्थित न होकर उससे कुछ दूरी पर होने चाहिए। क्यों? नेत्र तथा नेत्रिका के बीच की यह अल्प दूरी कितनी होनी चाहिए?

9.27Page 351

1.25 cm फोकस दूरी का अभिदृश्यक तथा 5 cm फोकस दूरी की नेत्रिका का उपयोग करके वांछित कोणीय आवर्धन (आवर्धन क्षमता) 30X होता है। आप संयुक्त सूक्ष्मदर्शी का समायोजन कैसे करेंगे?

9.28Page 351

किसी दूरबीन के अभिदृश्यक की फोकस दूरी 140 cm तथा नेत्रिका की फोकस दूरी 5.0 cm है। दूर की वस्तुओं को देखने के लिए दूरबीन की आवर्धन क्षमता क्या होगी जब-

  1. दूरबीन का समायोजन सामान्य है (अर्थात अंतिम प्रतिबिंब अनंत पर बनता है)।
  2. अंतिम प्रतिबिंब स्पष्ट दर्शन की अल्पतम दूरी (25 cm) पर बनता है।
9.29Page 351
  1. दूरबीन का समायोजन सामान्य है (अर्थात अंतिम प्रतिबिंब अनंत पर बनता है)। अभिदृश्यक लेंस तथा नेत्रिका के बीच पृथक्कन दूरी क्या है?
  2. यदि इस दूरबीन का उपयोग 3 km दूर स्थित 100 m ऊँची मीनार को देखने के लिए किया जाता है तो अभिदृश्यक द्वारा बने मीनार के प्रतिबिंब की ऊँचाई क्या है?
  3. यदि अंतिम प्रतिबिंब 25 cm दूर बनता है तो अंतिम प्रतिबिंब में मीनार की ऊँचाई क्या है?
9.30Page 351

किसी कैसेग्रेन दूरबीन में चित्र में दर्शाए अनुसार दो दर्पणों का प्रयोग किया गया है। इस दूरबीन में दोनों दर्पण एक-दूसरे से 20 mm दूर रखे गए हैं। यदि बड़े दर्पण की वक्रता त्रिज्या 220 mm हो तथा छोटे दर्पण की वक्रता त्रिज्या 140 mm हो तो अनंत पर रखे किसी बिंब का अंतिम प्रतिबिंब कहाँ बनेगा?

9.31Page 352

किसी गैल्वेनोमीटर की कुंडली से जुड़े समतल दर्पण पर लंबवत आपतित प्रकाश दर्पण से टकराकर अपना पथ पुनः अनुरेखित करता है। गैल्वेनोमीटर की कुंडली में प्रवाहित कोई धारा दर्पण में 3.5° का परिक्षेपण उत्पन्न करती है। दर्पण के सामने 1.5 m की दूरी पर रखे परदे पर प्रकाश के परावर्ती चिह्न में कितना विस्थापन होगा?

9.32Page 352

चित्र में कोई समोत्तल लेंस (अपवर्तनांक 1.50) किसी समतल दर्पण के फलक पर किसी द्रव की परत के संपर्क में दर्शाया गया है। कोई छोटी सुई जिसकी नोंक मुख्य अक्ष पर है, अक्ष के अनुदिश ऊपर-नीचे गति कराकर इस प्रकार समायोजित की जाती है कि सुई की नोंक का उल्टा प्रतिबिंब सुई की स्थिति पर ही बने। इस स्थिति में सुई की लेंस से दूरी 45.0 cm है। द्रव को हटाकर प्रयोग को दोहराया जाता है। नयी दूरी 30.0 cm मापी जाती है। द्रव का अपवर्तनांक क्या है?

Solutions for 9: किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र

अभ्यास
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NCERT solutions for भौतिकी पार्ट १ और २ [हिंदी] इयत्ता १२ chapter 9 - किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र

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