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इस दुर्ग में कोई तो हमारा ______
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वीरसिंह और उसके मुट्ठी भर साथी अभी तक ______
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महाराणा की प्रतिज्ञा पूरी करने के लिए चारणी द्वारा सुझाया गया उपाय।
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नकली बूँदी को लेकर वीरसिंह के साथियों के विचार।
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अपनी मातृभूमि को लेकर वीरसिंह के विचार।
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‘आज इस विजय में मेरी सबसे बड़ी पराजय हुई है’ महाराणा के इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
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‘साहस को अधीन करने की अभिलाषा करना पागलपन है’, कथन की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
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पालतू जानवरों की देखभाल संबंधी चर्चा कीजिए।
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‘जंगल में रहने वाले पशु प्रकृति की गोद में ही स्वच्छंदता से पलते हैं’, इसपर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
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‘वनों पर सबसे पहला अधिकार पशुओं का’ इस विषय पर चर्चा करते हुए अपना मत लिखिए।
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‘क्रोध हर जीव में दुबका होता है’, इसपर अपना मत लिखिए।
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अंतरजाल से ‘ताड़ोबा अभयारण्य’ की जानकारी निम्न मुद्दों के आधार पर प्राप्त कीजिए।
- स्थान
- क्षेत्र
- विशेषताएँ
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‘जंगल के पशु मानवी बस्ती की ओर आ रहे है’ इसपर आपके उपायों की सूची बनाइए।
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| मेरी निश्वासों से द्रुततर, सुभग न तू बुझने का भय कर; मैं अँचल की ओट किए हूँ, अपनी मृदु पलकों से चंचल ! सहज-सहज मेरे दीपक जल ! सीमा ही लघुता का बंधन, है अनादि तू मत घड़ियाँ गिन; मैं दृग के अक्षय कोषों से तुझ में भरती हूँ आँसू जल ! सजल-सजल मेरे दीपक जल ! |
इस पद्यांश पर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
- सीमा = ______
- आँसू जल = ______
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| मेरी निश्वासों से द्रुततर, सुभग न तू बुझने का भय कर; मैं अँचल की ओट किए हूँ, अपनी मृदु पलकों से चंचल ! सहज-सहज मेरे दीपक जल ! सीमा ही लघुता का बंधन, है अनादि तू मत घड़ियाँ गिन; मैं दृग के अक्षय कोषों से तुझ में भरती हूँ आँसू जल ! सजल-सजल मेरे दीपक जल ! |
पद्यांश में आए उपसर्ग-प्रत्यययुक्त शब्दों काे ढूँढ़कर लिखिए।
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| मेरी निश्वासों से द्रुततर, सुभग न तू बुझने का भय कर; मैं अँचल की ओट किए हूँ, अपनी मृदु पलकों से चंचल ! सहज-सहज मेरे दीपक जल ! |
पद्यांश की प्रथम पाँच पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
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‘भारतीय त्योहारों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण निहित हैं’ इस संदर्भ मे अंतरजाल से जानकारी प्राप्त कीजिए।
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एक शब्द में उत्तर दीजिए:
लघुता का बंधन - ______
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