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प्रश्न
अपनी मातृभूमि को लेकर वीरसिंह के विचार।
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उत्तर
वीरसिंह ने जैसे बूँदी का नकली दुर्ग देखा तथा राणा लाखा की प्रतिज्ञा के बारे में सुना, उसने निश्चय किया कि हम अपनी मातृभूमि का अपमान नहीं होने देंगे। वीर सिंह को बूँदी का नकली किला भी प्राणों से अधिक प्रिय था। उसने अपने साथियों को बताया कि अपनी जन्मभूमि की धूल में खेलकर बड़े हुए हैं, उसका अपमान किसी भी दशा में नहीं देखा जा सकता। वीर सिंह ने अपने साथी सैनिकों से वादा लिया कि प्राणों के रहते हम इस नकली दुर्ग पर भी मेवाड़ की राज्य-पताका नहीं स्थापित होने देंगे।
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