पानी का संकट वर्तमान स्थिति में भी बहुत गहराया हुआ है। इसी तरह के पर्यावरण से संबद्ध अन्य संकटों के बारे में लिखिए।
[12] धर्मवीर भारती : काले मेघा पानी दे
Chapter: [12] धर्मवीर भारती : काले मेघा पानी दे
Concept: undefined >> undefined
आपकी दादी-नानी किस तरह के विश्वासों की बात करती हैं? ऐसी स्थिति में उनके प्रति आपका रवैया क्या होता है? लिखिए।
[12] धर्मवीर भारती : काले मेघा पानी दे
Chapter: [12] धर्मवीर भारती : काले मेघा पानी दे
Concept: undefined >> undefined
बादलों से संबंधित अपने-अपने क्षेत्र में प्रचलित गीतों का संकलन करें तथा कक्षा में चर्चा करें।
[12] धर्मवीर भारती : काले मेघा पानी दे
Chapter: [12] धर्मवीर भारती : काले मेघा पानी दे
Concept: undefined >> undefined
पिछले 15-20 सालों में पर्यावरण से छेड़-छाड़ के कारण भी प्रकृति-चक्र में बदलाव आया है, जिसका परिणाम मौसम का असंतुलन है। वर्तमान बाड़मेर (राजस्थान) में आई बाढ़, मुंबई की बाढ़ तथा महाराष्ट्र का भूकंप या फिर सुनामी भी इसी का नतीजा है। इस प्रकार की घटनाओं से जुड़ी सूचनाओं, चित्रों का संकलन कीजिए और एक प्रदर्शनी का आयोजन कीजिए, जिसमें बाज़ार दर्शन पाठ में बनाए गए विज्ञापनों को भी शामिल कर सकते हैं। और हाँ ऐसी स्थितियों से बचाव के उपाय पर पर्यावरण विशेषज्ञों की राय को प्रदर्शनी में मुख्य स्थान देना न भूलें।
[12] धर्मवीर भारती : काले मेघा पानी दे
Chapter: [12] धर्मवीर भारती : काले मेघा पानी दे
Concept: undefined >> undefined
कुश्ती के समय ढोल की आवाज़ और लुट्टन के दाँव-पेंच में क्या तालमेल था? पाठ में आए ध्वन्यात्मक शब्द और ढोल की आवाज़ में आपके मन में कैसी ध्वनि पैदा करते हैं, उन्हें शब्द दीजिए।
[13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Chapter: [13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: undefined >> undefined
कहानी के किस-किस मोड़ पर लुट्टन के जीवन में क्या-क्या परिवर्तन आए?
[13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Chapter: [13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: undefined >> undefined
लुट्टन पहलवान ने ऐसा क्यों कहा होगा कि मेरा गुरु कोई पहलवान नहीं, यही ढोल है?
[13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Chapter: [13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: undefined >> undefined
गाँव में महामारी फैलने और अपने बेटों के देहांत के बावजूद लुट्टन पहलवान ढोल क्यों बजाता रहा?
[13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Chapter: [13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: undefined >> undefined
ढोलक की आवाज़ का पूरे गाँव पर क्या असर होता था?
[13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Chapter: [13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: undefined >> undefined
महामारी फैलने के बाद गाँव में सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य में क्या अंतर होता था?
[13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Chapter: [13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: undefined >> undefined
कुश्ती या दंगल पहले लोगों और राजाओं का प्रिय शौक हुआ करता था। पहलवानों को राजा एवं लोगों के द्वारा विशेष सम्मान दिया जाता था-
(क) ऐसी स्थिति अब क्यों नहीं है?
(ख) इसकी जगह अब किन खेलों ने ले ली है?
(ग) कुश्ती को फिर से प्रिय खेल बनाने के लिए क्या-क्या कार्य किए जा सकते हैं?
[13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Chapter: [13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: undefined >> undefined
आशय स्पष्ट करें-
आकाश से टूटकर यदि कोई भावुक तारा पृथ्वी पर जाना भी चाहता तो उसकी ज्योति और शक्ति रास्ते में ही शेष हो जाती थी। अन्य तारे उसकी भावुकता अथवा असफलता पर खिलखिलाकर हँस पड़ते थे।
[13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Chapter: [13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: undefined >> undefined
पाठ में अनेक स्थलों पर प्रकृति का मानवीकरण किया गया है। पाठ में से ऐसे अंश चुनिए और उनका आशय स्पष्ट कीजिए।
[13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Chapter: [13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: undefined >> undefined
पाठ में मलेरिया और हैज़े से पीड़ित गाँव की दयनीय स्थिति को चित्रित किया गया है। आप ऐसी किसी अन्य आपद स्थिति की कल्पना करें और लिखें कि आप ऐसी स्थिति का सामना कैसे करेंगी/करेंगे?
[13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Chapter: [13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: undefined >> undefined
ढोलक की थाप मृत-गाँव में संजीवनी शक्ति भरती रहती थी- कला से जीवन के संबंध को ध्यान में रखते हुए चर्चा कीजिए।
[13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Chapter: [13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: undefined >> undefined
चर्चा करें- कलाओं का अस्तित्व व्यवस्था का मोहताज नहीं है।
[13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Chapter: [13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: undefined >> undefined
हर विषय, क्षेत्र, परिवेश आदि के कुछ विशिष्ट शब्द होते हैं। पाठ में कुश्ती से जुड़ी शब्दावली का बहुतायत प्रयोग हुआ है। उन शब्दों की सूची बनाइए। साथ ही नीचे दिए गए क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले कोई पाँच-पाँच शब्द बताइए-
- चिकित्सा
- क्रिकेट
- न्यायालय
- या अपनी पसंद का कोई क्षेत्र
[13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Chapter: [13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: undefined >> undefined
पाठ में अनेक अंश ऐसे हैं जो भाषा के विशिष्ट प्रयोगों की बानगी प्रस्तुत करते हैं। भाषा का विशिष्ट प्रयोग न केवल भाषाई सर्जनात्मकता को बढ़ावा देता है बल्कि कथ्य को भी प्रभावी बनाता है। यदि उन शब्दों, वाक्यांशों के स्थान पर किन्हीं अन्य का प्रयोग किया जाए तो संभवतः वह अर्थगत चमत्कार और भाषिक सौंदर्य उद्घाटित न हो सके। कुछ प्रयोग इस प्रकार हैं-
- फिर बाज़ की तरह उस पर टूट पड़ा।
- राजा साहब की स्नेह-दृष्टि ने उसकी प्रसिद्धि में चार चाँद लगा दिए।
- पहलवान की स्त्री भी दो पहलवानों को पैदा करके स्वर्ग सिधार गई थी।
इन विशिष्ट भाषा-प्रयोगों का प्रयोग करते हुए एक अनुच्छेद लिखिए।
[13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Chapter: [13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: undefined >> undefined
जैसे क्रिकेट की कमेंट्री की जाती है वैसे ही इसमें कुश्ती की कमेंट्री की गई है? आपको दोनों में क्या समानता दिखाई पड़ती है?
[13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Chapter: [13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: undefined >> undefined
लेखक ने ऐसा क्यों कहा है कि अभी चैप्लिन पर करीब 50 वर्षों तक काफी कुछ कहा जाएगा?
[14] विष्णु खरे : चार्ली चैप्लिन यानी हम सब
Chapter: [14] विष्णु खरे : चार्ली चैप्लिन यानी हम सब
Concept: undefined >> undefined