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Science (Hindi Medium) इयत्ता १२ - CBSE Question Bank Solutions

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सिलिकन से n -प्रकार का अर्धचालक प्राप्त करने के लिए, किस संयोजकता वाले पदार्थ को इसमें अपमिश्रित करना चाहिए?

[1] ठोस अवस्था
Chapter: [1] ठोस अवस्था
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कोबाल्ट (II) क्लोराइड के गुलाबी रंग के जलीय विलयन में आधिक्य में HCl मिलाने से यह गहरे नीले रंग का हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि

(i) [Co(H2O)6]2+ का [CoCl6]4− में परिवर्तन होता है।

(ii) [Co(H2O)6]2+ का [CoCl4]2− में परिवर्तन होता है।

(iii) चतुष्फलकीय संकुलों का क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन अष्टफलकीय संकुलों की तुलना में कम होता है।

(iv) चतुष्फलकीय संकुलों का क्रिस्टल क्षेत्र विषाटन अष्टफलेकीय संकुलों की तुलना में अधिक होता है।

[5] उपसहसंयोजन यौगिक
Chapter: [5] उपसहसंयोजन यौगिक
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अपमिश्रण से किस प्रकार का द्रोष उत्पन्न होता है?

[1] ठोस अवस्था
Chapter: [1] ठोस अवस्था
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सिलिकन में इलेक्टून धनी अशुद्धि को अपमिश्रित करने पर ______ बनता है।

[1] ठोस अवस्था
Chapter: [1] ठोस अवस्था
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[MnCl4]2− का चुंबकीय आघूर्ण 5.92 BM है। इसे कारण सहित स्पष्ट कीजिए।
[5] उपसहसंयोजन यौगिक
Chapter: [5] उपसहसंयोजन यौगिक
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क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि Co(III) दुर्बल क्षेत्र लिगंड के साथ अनुचुंबकीय अष्टफलकीय संकुल क्यों बनाता है जबकि प्रबल क्षेत्र लिगंड के साथ यह प्रतिचुंबकीय अष्टफलकीय संकुल बनाता है।

[5] उपसहसंयोजन यौगिक
Chapter: [5] उपसहसंयोजन यौगिक
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निम्न प्रचक्रण चतुष्फलकीय संकुल क्यों नहीं बनते?

[5] उपसहसंयोजन यौगिक
Chapter: [5] उपसहसंयोजन यौगिक
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क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित संकुलों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

[CoF6]3−, [Fe(CN)6]4− और [Cu(NH3)6]2+
[5] उपसहसंयोजन यौगिक
Chapter: [5] उपसहसंयोजन यौगिक
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[Fe(H2O)6]3+ का चुंबकीय आघूर्ण 5.92 BM होता है जबकि [Fe(CN)6]3− का चुंबकीय आघूर्ण केवल 1.74 BM होता है। स्पष्ट कीजिए।
[5] उपसहसंयोजन यौगिक
Chapter: [5] उपसहसंयोजन यौगिक
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निम्नलिखित संकुल आयनों को क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन ऊर्जा (Δ0) के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

[Cr(Cl)6]3–, [Cr(CN)6]3–, [Cr(NH3)6]3+

[5] उपसहसंयोजन यौगिक
Chapter: [5] उपसहसंयोजन यौगिक
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CuSO4.5H2O का रंग नीला होता है जबकि CuSO4 रंगहीन होता है क्यों?

[5] उपसहसंयोजन यौगिक
Chapter: [5] उपसहसंयोजन यौगिक
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कॉलम I में दिए गए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए रंगों को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।

कॉलम I (संकुल आयन) कॉलम II (रंग)
(A) [Co(NH3)6]3+ (1) बैंगनी
(B) [Ti(H2O)6]3+ (2) हरा
(C) [Ni(H2O)6]2+ (3) पीला-नीला
(D) (Ni(H2O)4(en)3]2+ (aq) (4) पीला-नारंगी
  (5) नीला
[5] उपसहसंयोजन यौगिक
Chapter: [5] उपसहसंयोजन यौगिक
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कॉलम I में दिए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए संकरण तथा अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।

कॉलम I (संकुल आयन) कॉलम II (संकरण, अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या)
(A) [Cr(H2O)6]3+ (1) dsp2, 1
(B) [Co(CN)4]2– (2) sp3d2, 5
(C) [Ni(NH3)6]2+ (3) d2sp3, 3
(D) [MnF6]4– (4) sp3, 4
  (5) sp3d2, 2
[5] उपसहसंयोजन यौगिक
Chapter: [5] उपसहसंयोजन यौगिक
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अभिकथन: ​[Cr(H2O)6]Cl2 और [Fe(H2O)6]Cl2 अपचायी प्रकृति के होते हैं।

तर्क: इनके d-कक्षकों में अयुगलित इलेक्ट्रॉन होते हैं।

[5] उपसहसंयोजन यौगिक
Chapter: [5] उपसहसंयोजन यौगिक
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अभिकथन: ([Fe(CN)6]3− आयन दो अयुगलित इलेक्ट्रॉनों के समकक्ष चुंबकीय आघूर्ण प्रदर्शित करता है।

तर्क - क्योंकि इसमें d2sp3 संकरण होता है।

[5] उपसहसंयोजन यौगिक
Chapter: [5] उपसहसंयोजन यौगिक
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विद्युत् क्षेत्र के प्रभाव में, p -प्रकार के अर्धचालक के लिए, इलेक्ट्रॉनों तथा छिद्रों के गमन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

  1. इलेक्ट्रॉन, इलेक्ट्रॉन छिद्र में से होकर धनावेशित प्लेट की ओर गमन करता है।
  2. इलेक्टॉन छिद्र का गमन ऋणावेशित प्लेट की ओर प्रतीत होता है।
  3. इलेक्ट्रॉन तथा छिद्र तथा दोनों धनावेशित प्लेट की दिशा में गमन करते प्रतीत होते हैं।
  4. इलेक्ट्रॉनों के गमन तथा छिद्रों के गमन में कोई संबंध नहीं होता।
[1] ठोस अवस्था
Chapter: [1] ठोस अवस्था
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क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।

[CoF6]3–, [Co(H2O)6]2+, [Co(CN)6]3–

[5] उपसहसंयोजन यौगिक
Chapter: [5] उपसहसंयोजन यौगिक
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अर्धचालकों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं।

  1. इलेक्ट्रॉन धनी अशुद्धि से अपमिश्रित सिलिकन एक p -प्रकार का अर्धचालक होता है।
  2. इलेक्रॉन धनी अशुद्ध से अपमिश्रित सिलिकन n -प्रकार का अर्धचालक होता है।
  3. विस्थानीकृत इलेक्ट्रॉन अपमिश्रित सिलिकन की चालकता बढ़ाते हैं।
  4. लेक्ट्रॉन रिक्तिका n- प्रकार अर्धचालक की चालकता बढ़ाती है
[1] ठोस अवस्था
Chapter: [1] ठोस अवस्था
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क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।

[FeF6]3–, [Fe(H2O)6]2+, [Fe(CN)6]4–

[5] उपसहसंयोजन यौगिक
Chapter: [5] उपसहसंयोजन यौगिक
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संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Mn(CN)6]3− के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।

  1. संकरण का प्रकार
  2. आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
  3. चुंबकीय व्यवहार
  4. केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान
[5] उपसहसंयोजन यौगिक
Chapter: [5] उपसहसंयोजन यौगिक
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