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Academic Year: 2025-2026
Date: मार्च 2026
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सामान्य निर्देश-
- इस प्रश्न-पत्र में तीन खंड हैं - खंड- क, ख और ग।
- दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
- तीनों खंडों के कुल 13 प्रश्न हैं। तीनों खंडों के प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है।
- यथासंभव तीनों खंडों के प्रश्नों के उत्तर क्रम से लिखिए।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
|
सभ्य होने की प्रक्रिया मानवता की सबसे अच्छी उपलब्धि है। इससे हम उन लक्षणों को चिह्नित कर लेते हैं, जो हमारे आदर्शों को सुचारु रूप से कार्य करने में बाधित करते हैं। कोई भी, जो इस प्रक्रिया से नहीं गुजरता, ‘पिछड़ा’ ही रहता है और सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं बना पाता। विभिन्न गुणों को मिलाकर एक पूर्ण मानव का जन्म होता है। लेकिन हमारी संस्कृति यह चाहती है कि हम एक निश्चित तरीके से जीवन जिएँ, जो कि हमारी स्वयं की प्रकृति का एक छोटा सा स्वरूप होता है। इस प्रकार हमारी प्रकृति और जो कुछ हम हैं, उसके शेष भाग को नकार देते हैं। हम स्वयं को अपने स्वार्थ और परछाई में बाँट लेते हैं, क्योंकि हमारी संस्कृति हमें एक विशिष्ट प्रकार से जीने के लिए ज़ोर देती है। ज्ञान का भंडार पा लेने के बाद वर्षों की सभ्यता से शायद यही हमें विरासत में मिला है। पूरे समाज के जीवन जीने के तरीके को संस्कृति कहते हैं। इसमें सम्मिलित हैं- आचरण के तरीके, पहनावा, भाषा, धर्म, परंपराएँ, व्यवहार के तरीके तथा विचारों से विश्वास बनने की प्रणाली। हमारे अंदर छिपे साधारण मानव को हमसे दूर करके संस्कृति हमें एक जटिल सी शक्ति दे देती है। स्रोत - डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, पुस्तक-विजयी भव से साभार |
(क) संस्कृति शब्द को परिभाषित किया जा सकता है: (1)
- सभ्य और संस्कारी होना
- उपलब्धियों की प्राप्ति
- आदर्शों के साथ जीवन
- सामाजिक प्रतिष्ठित शैली
(ख) निम्नलिखित प्रश्न को पढ़कर नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए: (1)
- सभ्य होना
- भाषा, धर्म एवं परम्पराएँ
- ख़ुद को स्वार्थ और परछाई में बाँट लेना
- व्यवहार की शैली, पहनावा
गद्यांश के अनुसार कौन-सा/ से कथन सही हैं?
- केवल कथन (I) सही है।
- केवल कथन (II) और (IV) सही हैं।
- केवल कथन (I) और (II) सही हैं।
- केवल कथन (I) और (IV) सही हैं।
(ग) पिछड़े हुए समाज का आधारभूत लक्षण माना जा सकता है: (1)
- असभ्य होना
- स्वार्थी होना
- सुद्दढ़ परंपरा
- साधारण मानव
(घ) मानव की सर्वोत्तम उपलब्धि क्या है? (1)
(ङ) हमारी संस्कृति हमसे से क्या अपेक्षा रखती है? (2)
(च) हमें संस्कृति शक्ति कैसे प्रदान करती है? (2)
(छ) हम स्वयं को अपने स्वार्थ और परछाई में क्यों बाँट लेते हैं? (2)
Chapter:
निम्नलिखित कविता के अंश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
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क़लम अपनी साध, कवि- ‘भवानी प्रसाद मिश्र’ |
(क) कविता में ‘कलम’ किसका प्रतीक है? (1)
- कवि
- हथियार
- समाज की आवाज़
- कवि के विचार
(ख) ‘जिस तरह हम बोलते हैं, उस तरह तू लिख’ पंक्ति में कवि कया संदेश देना चाहते हैं? (1)
- सरल भाषा में लिखना
- सच्चाई को उजागर करना
- बोली की भाषा में लिखना
- सामान्य जन के भाव लिखना
(ग) किन पंक्तियों में लेखनी को असत्य और अन्याय के विरुद्ध लिखने की बात कह रहे हैं? (1)
- चीज़ ऐसी दे कि जिसका स्वाद सिर चढ़ जाए
- पाप को कर लक्ष्य कर दे झूठ को सपना।
- टेढ़ मत पैदा करे गति तीर की अपना
- प्राण-संचारी कि शोभा-भर न जिनका अर्थ।
(घ) कविता मैं प्रकृति और मानवीय भावनाआँ का समन्वय कैसे किया गया है? (1)
(ङ) कविता में कलम से किन बीजों को बोने और चढ़ने की बात कही है? (2)
(च) कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहते हैं? (2)
Chapter:
एंकर-विज़ुअल क्या है? (शब्द सीमा - लगभग 20 शब्द)
Chapter:
टेलीविज़न समाचार की भाषा पर टिप्पणी कीजिए। (शब्द सीमा-लगभग 40 शब्द)
Chapter:
मीडिया की भाषा में बीट से क्या तात्पर्य है? (शब्द सीमा - लगभग 40 शब्द)
Chapter:
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए-
विशेष लेखन की भाषा-शैली पर प्रकाश डालिए।
Chapter:
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए-
फीचर लिखते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? लिखिए।
Chapter:
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए-
समाचार लेखन की विशेष शैली का वर्णन कीजिए।
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर लगभग 100 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए-
जैसे ही मैं बस में चढ़ा/चढ़ी ...
Chapter:
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निम्नलिखित विषय पर लगभग 100 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए-
कोहरे की वह सुबह
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर लगभग 100 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए-
जब मैं आम के पेड़ पर चढ़ा/चढ़ी
Chapter:
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए-
कविता में बिंब और छंद के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए-
कहानी के क्लाइमेक्स का चित्रण ध्यानपूर्वक क्यों करना चाहिए?
Chapter:
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए-
नाटक का मात्र एक मौन, अंधकार या ध्वनि प्रभाव, कहानी या उपन्यास के बीस-पच्चीस पृष्ठों को बराबरी कर सकता है। इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
निम्नलिखित पठित काव्यांश को पढ़कर प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए-
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यह दीप अकेला स्नेह भरा |
(क) दीप’ किसका प्रतीक है? (1)
- व्यक्ति
- समाज
- प्रकाश
- परिवार
(ख) निम्नलिखित कथन-कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए। (1)
कथन - यह गोरस-जीवन-कामधेनु की मौना का युग-संचय।
कारण - विश्वास रूपी दीपक अत्यधिक माधुर्य से भरा हुआ है। दीप जीवन रूपी कामधेनु द्वारा प्रदत्त अमृत तुल्य पवित्र दूध के समान है।
- कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
- कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
- कथन और कारण दोनों सही हैं। कारण कथन की सही व्याख्या है।
(ग) ‘पंक्ति’ किसका प्रतीक है? (1)
- कतार
- समष्टि
- व्यष्टि
- अहंकार
(घ) ‘दीप का पंक्ति में विलय’ का भाव है - दीप (1)
- की सत्ता का सार्वभौमीकरण।
- के अहंकार के मद को दूर करना।
- को पंक्ति में स्थान देना।
- के एकाकीपन को दूर करना।
(ङ) पनडुब्बा से आप क्या समझते हैं? (1)
- गोताखोर
- बड़ी मछली
- तैरने वाले पक्षी
- पाल वाली नाव
Chapter:
देवसेना की हार या निराशा के क्या कारण हैं?
Chapter: [1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
सरोज का विवाह अन्य विवाहों से किस प्रकार भिन्न था?
Chapter: [1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए-
भरत के किन उद्वारों से उनका राम के प्रति श्रद्धाभाव प्रकट होता हे, स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
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निम्नलिखित काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या 100 शब्दों में कीजिए।
| सुनते हैं मिट्टी में रस है जिससे उगती दब है अपने मन के मैदानों पर व्यापी कैसी ऊब है आधे आधे गाने तोड़ो तोड़ो तोड़ो ये ऊसर बंजर तोड़ो ये चरती परती तोड़ो सब खेत बनाकर छोड़ो मिट्टी में रस होगा ही जब वह पोसेगी बीज को हम इसको क्या कर डालें इस अपने मन की खीज को? गोड़ो गोड़ो गोड़ो |
Chapter:
निम्नलिखित काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या 100 शब्दों में कीजिए।
| के पतिआ लए जाएत रे मोरा पिअतम पास। हिए नहि सहए असह दुख रे भेल साओन मास ।। एकसरि भवन पिआ बिनु रे मोहि रहलो न जाए । सखि अनकर दुख दारुन रे जग के पति आए ।। मोर मन हरि हर लए गेल रे अपनों मन गेल । गोकुल तजि मधुपुर बस रे कन अपजस लेल ।। सखि हे, कि पुछसि अनुभव मोए। |
Chapter:
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर दिए गए बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर के लिए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए-
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ये लोग आधुनिक भारत के नए ‘शरणार्थी’ हैं, जिन्हें औद्योगीकरण के झंझावात ने घर-ज़मीन से उखाड़कर हमेशा के लिए निर्वासित कर दिया है। प्रकृति और इतिहास के बीच गहरा अंतर है। बाढ़ या भूकंप के कारण लोग अपना घरबार छोड़कर कुछ अरसे के लिए बाहर चले जाते हैं, किंतु आफत टलते ही वे दोबारा अपने जाने-पहचाने परिवेश में लौट भी आते हैं। किंतु विकास और प्रगति के नाम पर जब इतिहास लोगों को उन्मूलित करता है, तो वे फिर अपने घर वापस नहीं लौट सकते। आधुनिक औद्योगीकरण की आँधी में सिर्फ़ मनुष्य ही नहीं उखड़ता, बल्कि उसका परिवेश और आवास स्थल भी हमेशा के लिए नष्ट हो जाते हैं। एक भरे-पूरे ग्रामीण अंचल को कितनी नासमझी और निर्ममता से उजाड़ा जा सकता है। सिंगरौली इसका ज्वलंत उदाहरण है। अगर यह इलाका उजाड़ रेगिस्तान होता तो शायद इतना क्षोभ नहीं होता; किंतु सिंगरौली की भूमि इतनी उर्वरा और जंगल इतने समृद्ध हैं कि उनके सहारे शताब्दियों से हजारों वनवासी और किसान अपना भरण-पोषण करते आए हैं। |
(क) गद्यांश का वर्ण्य विषय है- 1
- विस्थापन की समस्या
- वन-संपदा की विशेषता
- औद्योगीकरण विकास का पक्ष
- ग्रामीण अंचल की उपयोगिता
(ख) भरे-पूरे ग्रामीण अंचल को नासमझी से उजाड़ने का कारण है- 1
- अनुदारता
- समरूपता
- स्वार्थलोलुपता
- असामाजिकता
(ग) गद्यांश में किस गाँव के नष्ट होने की बात की गई है- 1
- रेगिस्तान
- नवागाँव
- आधुनिक
- सरौली
(घ) आधुनिक भारत के नए शरणार्थी हैं- 1
- लेखक और उनके मित्र
- दूसरे देशों से आए लोग
- अपने मूल स्थान से उजड़े लोग
- विकास की दौड़ के प्रतिभागी
(ङ) निम्नलिखित कथन-कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए। 1
कथन - अगर यह इलाका उजाड़ रेगिस्तान होता तो शायद इतना क्षोभ नहीं होता।
कारण - रेगिस्तान में जनजीवन की बसावट नहीं होती इसलिए लेखक की चिंता और व्याकुलता उसके प्रति नहीं है।
- कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
- कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
- कथन और कारण दोनों सही हैं। कारण कथन की सही व्याख्या है।
Chapter:
‘भारतेंदु जी के मकान के नीचे का यह ह्दय परिचय बहुत शीघ्र गहरी मैत्री में परिणत हो गया।’- कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
गद्य खंड पर आधारित प्रश्न का उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए-
‘दूसरा देवदास’ कहानी के आधार पर लिखिए कि पुजारी ने संभव और पारो को ‘युगल’ समझकर आशीर्वाद क्यों दिया?
Chapter:
गद्य खंड पर आधारित प्रश्न का उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए-
अराफ़ात द्वारा ‘अतिथि दंवो भव:’ परंपरा का वहन किया जा रहा था। पाठ के आधार पर लिखिए।
Chapter:
निम्नलिखित गद्यांश के सप्रसंग व्याख्या 100 शब्दों में कीजिए।
| एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा, सारे लोग मज़दूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे, तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी, वगैरा-वगैरा। एक दिन उसके दिमाग में खयाल आया कि अगर मज़दूरों के चार हाथ हों तो काम कितनी तेज़ी से हो और मुनाफ़ा कितना ज़्यादा। लेकिन यह काम करेगा कौन ? उसने सोचा, वैज्ञानिक करेंगे, ये हैं किस मर्ज़ की दवा। उसने यह काम करने के लिए बड़े वैज्ञानिकों को मोटी तनख्वाहों पर नौकर रखा और वे नौकर हो गए। कई साल तक शोध और प्रयोग करने के बाद वैज्ञानिकों ने कहा कि ऐसा असंभव है कि आदमी के चार हाथ हो जाएँ। |
Chapter:
निम्नलिखित गद्यांश के सप्रसंग व्याख्या 100 शब्दों में कीजिए।
| यह जो मेरे सामने कुटज का लहराता पौधा खड़ा है वह नाम और रूप दोनों में अपनी अपराजेय जीवनी की घोषणा कर रहा है। इसीलिए यह इतना आकर्षक है। नाम है कि हजारों वर्ष से जीता चला आ रहा है। कितने नाम आए और गए। दुनिया उनको भूल गई, वे दुनिया को भूल गए। मगर कुटज है कि संस्कृति की निरंतर स्फीयमान शब्दराशि में जो जमके बैठा, सो बैठा ही है। और रूप की तो बात ही क्या है! बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती लू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जलस्रोत से बरबस रस खींचकर सरस बना हुआ है। और मूर्ख के मस्तिष्क से भी अधिक सूने गिरि कांतार में भी ऐसा मस्त बना है कि ईर्ष्या होती है। |
Chapter:
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए।
‘तो हम भी सौ लाख बार बनाएँगे’ सूरदास के इस कथन में निहित जीवन मूल्यों को स्पष्ट करते हुए कथन का भाव स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए।
हमारी आज की सभ्यता नदियों के प्रति उदासीन है। ‘अपना मालवा खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में’ पाठ के आधार पर कथन की सार्थकता सिद्ध कीजिए।
Chapter:
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए।
‘बिस्कोहर की माटी’ नामक पाठ हमें प्रकृति की और लौटने का संदेश देता है। इससे आप कितना सहमत हैं? पाठ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
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CBSE previous year question papers Class 12 Hindi (Elective) with solutions 2025 - 2026
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