Advertisements
Advertisements
प्रश्न
वात्सल्य और ममता की आधार-भूमि एक रहने पर भी माता-पिता और बच्चों के संबंधों में तब से अब तक बहुत बदलाव हुए हैं। ‘माता का अँचल’ पाठ के आधार पर इसे सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
Advertisements
उत्तर
प्रस्तुत पाठ में तत्कालीन समाज की जीवन-शैली का यथार्थ चित्रण किया गया है। उस समय परिवार संयुक्त होते थे और बच्चों का पालन-पोषण माँ के ममतामयी आँचल की छाया में होता था। घर के सभी सदस्यों के बीच आत्मीयता, प्रेम और परस्पर सम्मान का संबंध होता था। पिता और पुत्र के बीच स्नेह, माँ और पुत्र के बीच वात्सल्य तथा पूरे परिवार में धार्मिक और नैतिक वातावरण बना रहता था।
बच्चों को प्रातः जल्दी उठना, प्रकृति के निकट रहना, पशु-पक्षियों से प्रेम करना और बड़ों का आदर करना सिखाया जाता था। किंतु आज की स्थिति भिन्न है। अब परिवार छोटे हो गए हैं और माता-पिता दोनों व्यस्त रहते हैं। बच्चे यदि माँ से नाराज होते हैं तो पिता से अपनी इच्छा पूरी कर लेते हैं, और यदि पिता डाँटते हैं तो माँ के पास चले जाते हैं। परिणामस्वरूप बच्चों और माता-पिता के बीच पहले जैसी आत्मीयता और अनुशासन नहीं रह गया है। अब संबंधों में अलगाव और स्वार्थ की भावना अधिक दिखाई देती है।
संबंधित प्रश्न
आपके विचार से भोलानाथ अपने साथियों को देखकर सिसकना क्यों भूल जाता है?
आपने देखा होगा कि भोलानाथ और उसके साथी जब-तब खेलते-खाते समय किसी न किसी प्रकार की तुकबंदी करते हैं। आपको यदि अपने खेलों आदि से जुड़ी तुकबंदी याद हो, तो लिखिए।
इस उपन्यास अंश में तीस के दशक की ग्राम्य संस्कृति का चित्रण है। आज की ग्रामीण संस्कृति में आपको किस तरह के परिवर्तन दिखाई देते हैं।
पाठ पढ़ते-पढ़ते आपको भी अपने माता-पिता का लाड़-प्यार याद आ रहा होगा। अपनी इन भावनाओं को डायरी में अंकित कीजिए।
यहाँ माता-पिता का बच्चे के प्रति जो वात्सल्य व्यक्त हुआ है, उसे अपने शब्दों में लिखिए।
माता का अँचल शीर्षक की उपयुक्तता बताते हुए कोई अन्य शीर्षक सुझाइए।
बच्चे माता-पिता के प्रति अपने प्रेम को कैसे अभिव्यक्त करते हैं?
फणीश्वरनाथ रेणु और नागार्जुन की आंचलिक रचनाओं को पढ़िए।
‘माता का अँचल’ पाठ में भोलानाथ के पिता की दिनचर्या का वर्णन करते हुए आज के एक सामान्य व्यक्ति की दिनचर्या से उसकी तुलना कीजिए।
चिड़िया उड़ाते-उड़ाते भोलानाथ और उसके साथियों ने चूहे के बिल में पानी डालना शुरू किया। इस घटना का के या परिणाम निकला?
मूसन तिवारी को बैजू ने चिढ़ाया था, पर उसकी सजा भोलानाथ को भुगतनी पड़ी, ‘माता का अँचल’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
भोलानाथ और उसके साथी खेल ही खेल में दावत की योजना किस तरह बना लेते थे?
भोलानाथ और उसके साथी खेल-खेल में फ़सल कैसे उगाया करते थे?
भोलानाथ की माँ उसे किस तरह कन्हैया बना देती?
आर्जकल बच्चे घरों में अकेले खेलते हैं, पर भोलानाथ और उसके साथी मिल-जुलकर खेलते थे। इनमें से आप भावी जीवन के लिए किसे उपयुक्त मानते हैं और क्यों?
वर्तमान समय में संतान द्वारा माँ-बाप के प्रति उपेक्षा का भाव दर्शाया जाने लगा है जिससे वृद्धों की समस्याएँ बढ़ी हैं तथा समाज में वृद्धाश्रमों की जरूरत बढ़ गई है। माता का अँचल’ पाठ उन मूल्यों को उभारने में कितना सहायक है जिससे इस समस्या पर नियंत्रण करने में मदद मिलती हो।
'माता का अँचल' पाठ में भोलानाथ का अपने माता-पिता से बहुत लगाव है। बचपन में हर बच्चा एक पल के लिए भी माता-पिता का साथ नहीं छोड़ना चाहता है, किंतु माता-पिता के बूढ़े हो जाने पर इनमें से ही कुछ उन्हें साथ न रखकर वृद्धाश्रम में पहुँचा देते हैं। ऐसे लोगों को आप किन शब्दों में समझाएँगे? विचार करके लिखिए।
पिता द्वारा भोलानाथ को खाना खिलाने के बाद भी उसकी माँ उसे खाना खिलाती थी, क्यों? ‘माता का अँचल’ पाठ के आधार पर लिखिए।
'माता का अँचल' पाठ में बच्चों की दिनचर्या आजकल के बच्चों की दिनचर्या से भिन्न है, कैसे? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
