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वात्सल्य और ममता की आधार-भूमि एक रहने पर भी माता-पिता और बच्चों के संबंधों में तब से अब तक बहुत बदलाव हुए हैं। ‘माता का अँचल’ पाठ के आधार पर इसे सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।

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प्रश्न

वात्सल्य और ममता की आधार-भूमि एक रहने पर भी माता-पिता और बच्चों के संबंधों में तब से अब तक बहुत बदलाव हुए हैं। ‘माता का अँचल’ पाठ के आधार पर इसे सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।

सविस्तर उत्तर
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उत्तर

प्रस्तुत पाठ में तत्कालीन समाज की जीवन-शैली का यथार्थ चित्रण किया गया है। उस समय परिवार संयुक्त होते थे और बच्चों का पालन-पोषण माँ के ममतामयी आँचल की छाया में होता था। घर के सभी सदस्यों के बीच आत्मीयता, प्रेम और परस्पर सम्मान का संबंध होता था। पिता और पुत्र के बीच स्नेह, माँ और पुत्र के बीच वात्सल्य तथा पूरे परिवार में धार्मिक और नैतिक वातावरण बना रहता था।

बच्चों को प्रातः जल्दी उठना, प्रकृति के निकट रहना, पशु-पक्षियों से प्रेम करना और बड़ों का आदर करना सिखाया जाता था। किंतु आज की स्थिति भिन्न है। अब परिवार छोटे हो गए हैं और माता-पिता दोनों व्यस्त रहते हैं। बच्चे यदि माँ से नाराज होते हैं तो पिता से अपनी इच्छा पूरी कर लेते हैं, और यदि पिता डाँटते हैं तो माँ के पास चले जाते हैं। परिणामस्वरूप बच्चों और माता-पिता के बीच पहले जैसी आत्मीयता और अनुशासन नहीं रह गया है। अब संबंधों में अलगाव और स्वार्थ की भावना अधिक दिखाई देती है।

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माता का आँचल
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2021-2022 (March) Outside Delhi Set 1

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'माता का अँचल' पाठ में बच्चों की दिनचर्या आजकल के बच्चों की दिनचर्या से भिन्न है, कैसे? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।


पूरक पाठ्पुस्तक के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -

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'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -

यह स्वाभाविक है कि बच्चा माता या पिता किसी एक से अधिक नज़दीकी का अनुभव करता हो - 'माता का आँचल' के भोलानाथ के संदर्भ से इस कथन पर प्रकाश डालें। इसके साथ ही अपने जीवन के अनुभव से इसके पक्ष या विपक्ष में टिप्पणी कीजिए।


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