मराठी

प्रकृति के सौंदर्य का जो चित्र ‘अट नहीं रही है’ कविता उपस्थित करती है, उसे अपने शब्दों में लिखिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

प्रकृति के सौंदर्य का जो चित्र ‘अट नहीं रही है’ कविता उपस्थित करती है, उसे अपने शब्दों में लिखिए।

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

‘अट नहीं रही है’ कविता में कवि नें विभिन्‍न ऋतुओं के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन किया है। जैसे फाल्गुन मास में वृक्षों की डालियों पर हरे पत्तों और लाल कॉपलों के मध्य सुगंधित रंग-बिरंगें पुष्पों की शोभा ऐसी प्रतीत होती है जैसे वृक्षों के गले में सुगंधित पुष्य की मालाएँ पड़ी हैं। यह फाल्गुन की अनुपम प्राकृतिक शोभा सृष्टि के प्राणियों को प्रसन कर देती हैं। वर्षा ऋतु में बादल किसी अनंत अज्ञात स्थल से आकर यकायक आसमान में छा जाते हैं।

वसंतऋतु में बहने वाली शीतल मंदसुगंधित पवन से सारे वातावरण में ताजगी और उत्साह का संचार होता है। इस प्रकार कविता में  ‘उत्साह’ शब्द वर्षा ऋतु का एवं ‘अट नहीं रही है’ वाक्य ‘वसंतऋतु’ का प्रतीक बताया है।

shaalaa.com
अट नहीं रही है
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2021-2022 (March) Outside Delhi Set 1

संबंधित प्रश्‍न

होली के आसपास प्रकृति में जो परिवर्तन दिखाई देते हैं, उन्हें लिखिए।


छायावाद की एक खास विशेषता है अंतर्मन के भावों का बाहर की दुनिया से सामंजस्य बिठाना। कविता की किन पंक्तियों को पढ़कर यह धारणा पुष्ट होती है? लिखिए।


कवि की आँख फागुन की सुंदरता से क्यों नहीं हट रही है?


प्रस्तुत कविता अट नहीं रहीं है में कवि ने प्रकृति की व्यापकता का वर्णन किन रुपों में किया है?


फागुन में ऐसा क्या होता है जो बाकी ऋतुओं से भिन्न होता है?


इन कविताओं के आधार पर निराला के काव्य-शिल्प की विशेषताएँ लिखिए।


‘कहीं साँस लेते हो’ ऐसा कवि ने किसके लिए कहा है और क्यों?
अथवा
कवि ने फागुन का मानवीकरण कैसे किया है?


‘उड़ने को नभ में तुम पर-पर कर देते हो’ के आलोक में बताइए कि फागुन लोगों के मन को किस तरह प्रभावित करता है?


‘अट नहीं रही है’ कविता के आधार पर फागुन में उमड़े प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।


‘अट नहीं रही है’ कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।


इस सत्र में पढ़ी गई किस कविता में फागुन के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन किया गया है? उसे अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए।


'अट नहीं रही है' कविता में कवि ने फागुन मास के सौंदर्य को किस प्रकार चित्रित किया है?


'अट नहीं रही' कविता के आधार पर लिखिए कि फाल्गुन में प्रकृति में क्या-क्या बदलाव आते हैं?


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

पाठ्यक्रम में पढ़ी कौन-सी कविता पूरी तरह प्रकृति के सौंदर्य पर केंद्रित है? उसमें वर्णित प्राकृतिक सुंदरता के किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×