मराठी

होली के आसपास प्रकृति में जो परिवर्तन दिखाई देते हैं, उन्हें लिखिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

होली के आसपास प्रकृति में जो परिवर्तन दिखाई देते हैं, उन्हें लिखिए।

लघु उत्तर
Advertisements

उत्तर

होली के समय चारों तरफ़ का वातावरण रंगों से भर जाता है। चारों तरफ़ रंग ही रंग बिखरे होते हैं। प्रकृति भी उस समय रंगों से वंचित नहीं रह पाती है। प्रकृति के हरे भरे वृक्ष तथा रंग-बिरंगे फूल होली के महत्व को और अधिक बढ़ा देते हैं।

shaalaa.com
अट नहीं रही है
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ २]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
पाठ 5 सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है
प्रश्न-अभ्यास | Q 6. | पृष्ठ २

संबंधित प्रश्‍न

छायावाद की एक खास विशेषता है अंतर्मन के भावों का बाहर की दुनिया से सामंजस्य बिठाना। कविता की किन पंक्तियों को पढ़कर यह धारणा पुष्ट होती है? लिखिए।


कवि की आँख फागुन की सुंदरता से क्यों नहीं हट रही है?


प्रस्तुत कविता अट नहीं रहीं है में कवि ने प्रकृति की व्यापकता का वर्णन किन रुपों में किया है?


फागुन में ऐसा क्या होता है जो बाकी ऋतुओं से भिन्न होता है?


इन कविताओं के आधार पर निराला के काव्य-शिल्प की विशेषताएँ लिखिए।


‘कहीं साँस लेते हो’ ऐसा कवि ने किसके लिए कहा है और क्यों?
अथवा
कवि ने फागुन का मानवीकरण कैसे किया है?


‘अट नहीं रही है’ कविता के आधार पर फागुन में उमड़े प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।


‘अट नहीं रही है’ कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।


'अट नहीं रही है' कविता में कवि ने फागुन मास के सौंदर्य को किस प्रकार चित्रित किया है?


'अट नहीं रही' कविता के आधार पर लिखिए कि फाल्गुन में प्रकृति में क्या-क्या बदलाव आते हैं?


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

पाठ्यक्रम में पढ़ी कौन-सी कविता पूरी तरह प्रकृति के सौंदर्य पर केंद्रित है? उसमें वर्णित प्राकृतिक सुंदरता के किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×