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NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग २ इयत्ता १० chapter 4 - सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है [Latest edition]

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NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग २ इयत्ता १० chapter 4 - सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है - Shaalaa.com
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Solutions for Chapter 4: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है

Below listed, you can find solutions for Chapter 4 of CBSE NCERT for हिंदी क्षितिज भाग २ इयत्ता १०.


प्रश्न-अभ्यास
प्रश्न-अभ्यास [Pages 26 - 2]

NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग २ इयत्ता १० 4 सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है प्रश्न-अभ्यास [Pages 26 - 2]

उत्साह

1.Page 26

कवि बादल से फुहार, रिमझिम या बरसने के स्थान पर ‘गरजने’ के लिए कहता है, क्यों?

2.Page 26

कविता का शीर्षक उत्साह क्यों रखा गया है?

3.Page 26

कविता में बादल किन-किन अर्थों की ओर संकेत करता है?

4.Page 26

शब्दों का ऐसा प्रयोग जिससे कविता के किसी खास भाव या दृश्य में ध्वन्यात्मक प्रभाव पैदा हो, नाद-सौंदर्य कहलाता है। उत्साह कविता में ऐसे कौन-से शब्द हैं जिनमें नाद-सौंदर्य मौजूद है, छाँटकर लिखें।

रचना और अभिव्यक्ति

5.Page 26

जैसे बादल उमड़-घुमड़कर बारिश करते हैं वैसे ही कवि के अंतर्मन में भी भावों के बादल उमड़-घुमड़कर कविता के रूप में अभिव्यक्त होते हैं। ऐसे ही किसी प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर अपने उमड़ते भावों को कविता में उतारिए।

अट नहीं रही है

1.Page 26

छायावाद की एक खास विशेषता है अंतर्मन के भावों का बाहर की दुनिया से सामंजस्य बिठाना। कविता की किन पंक्तियों को पढ़कर यह धारणा पुष्ट होती है? लिखिए।

2.Page 26

कवि की आँख फागुन की सुंदरता से क्यों नहीं हट रही है?

3.Page 26

प्रस्तुत कविता अट नहीं रहीं है में कवि ने प्रकृति की व्यापकता का वर्णन किन रुपों में किया है?

4.Page 26

फागुन में ऐसा क्या होता है जो बाकी ऋतुओं से भिन्न होता है?

5.Page 26

इन कविताओं के आधार पर निराला के काव्य-शिल्प की विशेषताएँ लिखिए।

रचना और अभिव्यक्ति

6.Page 2

होली के आसपास प्रकृति में जो परिवर्तन दिखाई देते हैं, उन्हें लिखिए।

Solutions for 4: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है

प्रश्न-अभ्यास
NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग २ इयत्ता १० chapter 4 - सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है - Shaalaa.com

NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग २ इयत्ता १० chapter 4 - सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है

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