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यहाँ माता-पिता का बच्चे के प्रति जो वात्सल्य व्यक्त हुआ है, उसे अपने शब्दों में लिखिए।

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प्रश्न

यहाँ माता-पिता का बच्चे के प्रति जो वात्सल्य व्यक्त हुआ है, उसे अपने शब्दों में लिखिए।

सविस्तर उत्तर
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उत्तर

भोलानाथ के पिता एक सजग, व स्नेही पिता हैं। उनके दिन का आरम्भ ही भोलानाथ के साथ शुरू होता है। उसे नहलाकर पुजा पाठ कराना, उसको अपने साथ घुमाने ले जाना, उसके साथ खेलना व उसकी बालसुलभ क्रीड़ा से प्रसन्न होना, उनके स्नेह व प्रेम को व्यक्त करता है। उसको ज़रा सी भी पीड़ा हो जाए तो वह तुरन्त उसकी रक्षा के लिए सजग हो जाता है। गुरू जी द्वारा सजा दिए जाने पर वह उनसे माफी माँग कर अपने साथ ही लिवा लाते हैं। यहाँ भोलानाथ के लिए उनके असीम प्रेम व सजगता का प्रमाण मिलता है। भोलानाथ की माता वात्सल्य व ममत्व से भरपूर माता है। भोलानाथ को भोजन कराने के लिए उनका भिन्न-भिन्न तरह से स्वांग रचना एक स्नेही माता की ओर संकेत करता है। जो अपने पुत्र के भोजन को लेकर चिन्तित है। दूसरी ओर, उसे लहुलुहान व भय से कांपता देखकर माँ भी स्वयं रोने व चिल्लाने लगती है। अपने पुत्र की ऐसी दशा देखकर माँ का हृदय भी दुखी हो जाता है। वह सारे काम छोड़कर अपने पुत्र को अपनी बाँहों में भरकर उसको सात्वंना देने का प्रयास करती है। अपने आँचल से उसके शरीर को साफ करती है, इससे उनकी माँ का अपने पुत्र के प्रति अमिट प्रेम, ममत्व व वात्सल्य का पता चलता है।

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माता का आँचल
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पाठ 1: माता का अँचल - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ९]

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एनसीईआरटी Hindi Kritika Bhag 2 Class 10
पाठ 1 माता का अँचल
प्रश्न-अभ्यास | Q 8. | पृष्ठ ९

संबंधित प्रश्‍न

प्रस्तुत पाठ के आधार पर यह कहा जा सकता है कि बच्चे का अपने पिता से अधिक जुड़ाव था, फिर भी विपदा के समय वह पिता के पास न जाकर माँ की शरण लेता है। आपकी समझ से इसकी क्या वजह हो सकती है?


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पाठ में आए ऐसे प्रसंगों का वर्णन कीजिए जो आपके दिल को छू गए हों?


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भोलानाथ और उसके साथी खेल-खेल में फ़सल कैसे उगाया करते थे?


आर्जकल बच्चे घरों में अकेले खेलते हैं, पर भोलानाथ और उसके साथी मिल-जुलकर खेलते थे। इनमें से आप भावी जीवन के लिए किसे उपयुक्त मानते हैं और क्यों?


वर्तमान समय में संतान द्वारा माँ-बाप के प्रति उपेक्षा का भाव दर्शाया जाने लगा है जिससे वृद्धों की समस्याएँ बढ़ी हैं तथा समाज में वृद्धाश्रमों की जरूरत बढ़ गई है। माता का अँचल’ पाठ उन मूल्यों को उभारने में कितना सहायक है जिससे इस समस्या पर नियंत्रण करने में मदद मिलती हो।


'माता का अँचल' पाठ में बच्चों की दिनचर्या आजकल के बच्चों की दिनचर्या से भिन्न है, कैसे? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।


'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -

यह स्वाभाविक है कि बच्चा माता या पिता किसी एक से अधिक नज़दीकी का अनुभव करता हो - 'माता का आँचल' के भोलानाथ के संदर्भ से इस कथन पर प्रकाश डालें। इसके साथ ही अपने जीवन के अनुभव से इसके पक्ष या विपक्ष में टिप्पणी कीजिए।


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