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प्रश्न
‘माता का अंचल’ पाठ में वर्णित बचपन और आज के बचपन में क्या अंतर है? क्या इस अंतर का प्रभाव दोनों बचपनों के जीवन मूल्यों पर पड़ा है? तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर
'माता का अंचल' इस पाठ में वर्णित बचपन और आज के बचपन में काफी अंतर है। इस पाठ में वर्णित बचपन में; बचपन में खेले जाने वाले खेल, कौतूहल, माँ की ममता, पिता का दुलार आदि शामिल है। इस पाठ में गाँव के जीवन और संस्कृति का प्राकृतिक चित्रण है जबकि आज के बचपन में शहरीपन का रंग समाया हुआ है। गाँव में माता-पिता बच्चों के खेलने, सुलाने, खिलाने आदि पर विशेष ध्यान देते थे जबकि आज के बचपन में माता-पिता दोनों ही व्यस्त होने के कारण बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे सकते बल्कि अपने घर की सेविकाओं को अपने बच्चों के साथ रखते हैं। उस समय बच्चों को संयुक्त परिवार के सदस्यों का प्रेम मिलता था पर अभी वर्तमान में बच्चे एकल परिवारों में रहते हैं। परिवार के बड़ों का सही मार्गदर्शन ना मिलने के कारण बच्चों में अच्छे जीवन मूल्यों का विकास नहीं हो पा रहा है।
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