मराठी

इस पाठ में बच्चों की जो दुनिया रची गई है, वह आपके बचपन की दुनिया से किस तरह भिन्न है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

इस पाठ में बच्चों की जो दुनिया रची गई है, वह आपके बचपन की दुनिया से किस तरह भिन्न है?

सविस्तर उत्तर
Advertisements

उत्तर

इस पाठ में बच्चों की दुनिया गाँव के प्राकृतिक वातावरण में रची गई है। वे मिट्टी में खेलते हैं, पेड़ों पर चढ़ते हैं, नदियों में स्नान करते हैं, तालाबों के किनारे खेलते हैं और माँ के स्नेहिल आँचल में सुरक्षित महसूस करते हैं। उनका बचपन पूरी तरह प्रकृति और परिवार से जुड़ा हुआ है। इसके विपरीत, आज के बचपन की दुनिया शहरों और आधुनिक साधनों से घिरी हुई है। बच्चे मोबाइल, टीवी, वीडियो गेम और इंटरनेट में अधिक समय बिताते हैं। खुले मैदान, तालाब या पेड़ों पर चढ़ने जैसे खेल अब बहुत कम हो गए हैं। आज का बचपन प्राकृतिक वातावरण से दूर और अधिक कृत्रिम साधनों पर आधारित है।

shaalaa.com
माता का आँचल
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: माता का अँचल - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kritika Bhag 2 Class 10
पाठ 1 माता का अँचल
प्रश्न-अभ्यास | Q 11. | पृष्ठ ९

संबंधित प्रश्‍न

प्रस्तुत पाठ के आधार पर यह कहा जा सकता है कि बच्चे का अपने पिता से अधिक जुड़ाव था, फिर भी विपदा के समय वह पिता के पास न जाकर माँ की शरण लेता है। आपकी समझ से इसकी क्या वजह हो सकती है?


भोलानाथ और उसके साथियों के खेल और खेलने की सामग्री आपके खेल और खेलने की सामग्री से किस प्रकार भिन्न है?


पाठ में आए ऐसे प्रसंगों का वर्णन कीजिए जो आपके दिल को छू गए हों?


माता का अँचल शीर्षक की उपयुक्तता बताते हुए कोई अन्य शीर्षक सुझाइए।


बच्चे माता-पिता के प्रति अपने प्रेम को कैसे अभिव्यक्त करते हैं?


चिड़िया उड़ाते-उड़ाते भोलानाथ और उसके साथियों ने चूहे के बिल में पानी डालना शुरू किया। इस घटना का के या परिणाम निकला?


‘माता का अँचल’ पाठ में वर्णित समय में गाँवों की स्थिति और वर्तमान समय में गाँवों की स्थिति में आए परिवर्तन को स्पष्ट कीजिए।


बच्चे रोना-धोना, पीड़ा, आपसी झगड़े ज्यादा देर तक अपने साथ नहीं रख सकते हैं। माता के अँचल’ पाठ के आधार पर बच्चों की स्वाभाविक विशेषताएँ लिखिए।


मूसन तिवारी को बैजू ने चिढ़ाया था, पर उसकी सजा भोलानाथ को भुगतनी पड़ी, ‘माता का अँचल’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


भोलानाथ और उसके साथी खेल-खेल में फ़सल कैसे उगाया करते थे?


भोलानाथ की माँ उसे किस तरह कन्हैया बना देती?


वर्तमान समय में संतान द्वारा माँ-बाप के प्रति उपेक्षा का भाव दर्शाया जाने लगा है जिससे वृद्धों की समस्याएँ बढ़ी हैं तथा समाज में वृद्धाश्रमों की जरूरत बढ़ गई है। माता का अँचल’ पाठ उन मूल्यों को उभारने में कितना सहायक है जिससे इस समस्या पर नियंत्रण करने में मदद मिलती हो।


‘माता का अंचल’ पाठ में वर्णित बचपन और आज के बचपन में क्या अंतर है? क्या इस अंतर का प्रभाव दोनों बचपनों के जीवन मूल्यों पर पड़ा है? तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।


'माता का अँचल' पाठ में भोलानाथ का अपने माता-पिता से बहुत लगाव है। बचपन में हर बच्चा एक पल के लिए भी माता-पिता का साथ नहीं छोड़ना चाहता है, किंतु माता-पिता के बूढ़े हो जाने पर इनमें से ही कुछ उन्हें साथ न रखकर वृद्धाश्रम में पहुँचा देते हैं। ऐसे लोगों को आप किन शब्दों में समझाएँगे? विचार करके लिखिए।


वात्सल्य और ममता की आधार-भूमि एक रहने पर भी माता-पिता और बच्चों के संबंधों में तब से अब तक बहुत बदलाव हुए हैं। ‘माता का अँचल’ पाठ के आधार पर इसे सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।


'माता का अँचल' पाठ में बच्चों की दिनचर्या आजकल के बच्चों की दिनचर्या से भिन्न है, कैसे? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।


पूरक पाठ्पुस्तक के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -

'माता का प्रेम, पिता के प्रेम की अपेक्षा अधिक गहन होता है।' 'माता का आँचल' पाठ के आधार पर विचार कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×