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इस पाठ में बच्चों की जो दुनिया रची गई है वह आपके बचपन की दुनिया से किस तरह भिन्न है? - Hindi Course - A

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प्रश्न

इस पाठ में बच्चों की जो दुनिया रची गई है वह आपके बचपन की दुनिया से किस तरह भिन्न है?

सविस्तर उत्तर
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उत्तर

इस पाठ में बच्चों की दुनिया गाँव के प्राकृतिक वातावरण में रची गई है। वे मिट्टी में खेलते हैं, पेड़ों पर चढ़ते हैं, नदियों में स्नान करते हैं, तालाबों के किनारे खेलते हैं और माँ के स्नेहिल आँचल में सुरक्षित महसूस करते हैं। उनका बचपन पूरी तरह प्रकृति और परिवार से जुड़ा हुआ है।

इसके विपरीत, आज के बचपन की दुनिया शहरों और आधुनिक साधनों से घिरी हुई है। बच्चे मोबाइल, टीवी, वीडियो गेम और इंटरनेट में अधिक समय बिताते हैं। खुले मैदान, तालाब या पेड़ों पर चढ़ने जैसे खेल अब बहुत कम हो गए हैं। आज का बचपन प्राकृतिक वातावरण से दूर और अधिक कृत्रिम साधनों पर आधारित है।

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माता का आँचल
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पिता द्वारा भोलानाथ को खाना खिलाने के बाद भी उसकी माँ उसे खाना खिलाती थी, क्यों? ‘माता का अँचल’ पाठ के आधार पर लिखिए।


पूरक पाठ्पुस्तक के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -

'माता का प्रेम, पिता के प्रेम की अपेक्षा अधिक गहन होता है।' 'माता का आँचल' पाठ के आधार पर विचार कीजिए।


'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -

यह स्वाभाविक है कि बच्चा माता या पिता किसी एक से अधिक नज़दीकी का अनुभव करता हो - 'माता का आँचल' के भोलानाथ के संदर्भ से इस कथन पर प्रकाश डालें। इसके साथ ही अपने जीवन के अनुभव से इसके पक्ष या विपक्ष में टिप्पणी कीजिए।


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