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ठोस उत्प्रेरक गैसीय अणुओं के मध्य संयुक्त होने की दर को किस प्रकार बढ़ाता है?

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प्रश्न

ठोस उत्प्रेरक गैसीय अणुओं के मध्य संयुक्त होने की दर को किस प्रकार बढ़ाता है?

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

जब गैसीय अणु ठोस उत्प्रेरक के पृष्ठ के सम्पर्क में आते हैं, तो उत्प्रेक के पृष्ठ और गैसीय अणुओं के मध्य एक दुर्बल रासायनिक संयोजन होता है, जिससे पृष्ठ पर अभिक्रियकों की सांद्रता बढ़ जाती है। एक दूसरे के निकट अधिशोषित विभिन्‍न प्रकार के अणुओं के लिए अभिक्रिया करने और नए अणु बनाने का अच्छा मौका होता है। यह अभिक्रिया की दर को बढ़ा देता है। इसके अतिरिक्त अधिशोषण ऊर्जा उत्सर्जन प्रक्रम भी है। अधिशोषण से निकली ऊर्जा अभिक्रिया की दर बढ़ाने में उपयोग में आती है।

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उत्प्रेरण
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पाठ 5: पृष्ठ रसायन - अभ्यास [पृष्ठ ७४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
पाठ 5 पृष्ठ रसायन
अभ्यास | Q III. 65. | पृष्ठ ७४

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