Advertisements
Advertisements
प्रश्न
ठोस उत्प्रेरक गैसीय अणुओं के मध्य संयुक्त होने की दर को किस प्रकार बढ़ाता है?
Advertisements
उत्तर
जब गैसीय अणु ठोस उत्प्रेरक के पृष्ठ के सम्पर्क में आते हैं, तो उत्प्रेक के पृष्ठ और गैसीय अणुओं के मध्य एक दुर्बल रासायनिक संयोजन होता है, जिससे पृष्ठ पर अभिक्रियकों की सांद्रता बढ़ जाती है। एक दूसरे के निकट अधिशोषित विभिन्न प्रकार के अणुओं के लिए अभिक्रिया करने और नए अणु बनाने का अच्छा मौका होता है। यह अभिक्रिया की दर को बढ़ा देता है। इसके अतिरिक्त अधिशोषण ऊर्जा उत्सर्जन प्रक्रम भी है। अधिशोषण से निकली ऊर्जा अभिक्रिया की दर बढ़ाने में उपयोग में आती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
हॉबर प्रक्रम में हाइड्रोजन को NiO उत्प्रेरक की उपस्थिति में मेथेन के साथ भाप की अभिक्रिया द्वारा प्राप्त किया जाता है। प्रक्रम को भाप-पुनःसंभावन कहते हैं। अमोनिया प्राप्त करने के हॉबर प्रक्रम में CO को हटाना क्यों आवश्यक है?
उत्प्रेरण के प्रक्रम में विशोषण की क्या भूमिका है?
विषमांगी उत्प्रेरण में अधिशोषण की क्या भूमिका है?
अधिशोषण हमेशा ऊष्माक्षेपी क्यों होता है?
विषमांगी उत्प्रेरण के चार उदाहरण लिखिए।
उत्प्रेरक की सक्रियता एवं वरणक्षमता का क्या अर्थ है?
अभिक्रिया में उत्प्रेरक में किस प्रकार का परिवर्तन होता है?
- भौतिक
- गुणात्मक
- रासायनिक
- मात्रात्मक
जब गोल्ड सॉल में जिलेटिन मिलाया जाता है तो क्या होता है?
आइसक्रीम में जिलेटिन, जो कि पेप्टाइड होता है, मिलाया जाता है। इसे क्यों मिलाया जाता होगा?
विषमांगी उत्प्रेरक में विसरण की क्या भूमिका होती है?
