मराठी

अधिशोषण हमेशा ऊष्माक्षेपी क्यों होता है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

अधिशोषण हमेशा ऊष्माक्षेपी क्यों होता है?

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

अधिशोषण होने पर पृष्ठ के अवशिष्ट बलों में सदैव कमी आती है अर्थात् पृष्ठ ऊर्जा में कमी आती है जो कि ऊष्मा के रूप में प्रकट होती है। अत: अधिशोषण सदैव एक ऊष्माक्षेपी प्रक्रम होता है। दूसरे शब्दों में, अधिशोषण का ΔH हमेशा ऋणात्मक होता है। जब एक गैस अधिशोषित होती है तो इसके अणुओं का संचलन सीमित हो जाता है। इससे अधिशोषण के पश्चात् गैस की एन्ट्रॉपी घट जाती है। किसी प्रक्रम के स्वत:प्रवर्तित होने के लिए ऊष्मागतिकीय आवश्यकता यह है कि स्थिर ताप एवं दाब पर ΔG ऋणात्मक होना चाहिए अर्थात् गिब्ज ऊर्जा में कमी होनी चाहिए।

समीकरण ΔG = ΔH – TΔS के आधार पर ΔG तभी ऋणात्मक हो सकता है जब ΔH का मान पर्याप्त ऋणात्मक हो क्योकि – TΔS का मान धनात्मक है। अत: अधिशोषण प्रक्रम में, जो कि स्वत: प्रवर्तित होती है, इन दोनों गुणकों का संयोजन ΔG को ऋणात्मक बनाता है। जैसे-जैसे अधिशोषण बढ़ता है ΔH कम ऋणात्मक होता जाता है एवं अन्त में ΔH, TΔS के तुल्य हो जाता है एवं ΔG की मान शून्य हो जाता है। इसे अवस्था पर साम्य स्थापित हो जाता है।

shaalaa.com
उत्प्रेरण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?

संबंधित प्रश्‍न

हॉबर प्रक्रम में हाइड्रोजन को NiO उत्प्रेरक की उपस्थिति में मेथेन के साथ भाप की अभिक्रिया द्वारा प्राप्त किया जाता है। प्रक्रम को भाप-पुनःसंभावन कहते हैं। अमोनिया प्राप्त करने के हॉबर प्रक्रम में CO को हटाना क्यों आवश्यक है?


उत्प्रेरण के प्रक्रम में विशोषण की क्या भूमिका है?


विषमांगी उत्प्रेरण के चार उदाहरण लिखिए।


उत्प्रेरक की सक्रियता एवं वरणक्षमता का क्या अर्थ है?


ज़िओलाइटों द्वारा उत्प्रेरण के कुछ लक्षणों का वर्णन कीजिए।


आकृति वरणात्मक उत्प्रेरण क्या है?


निम्नलिखित में से कौन-सा प्रक्रम प्रावस्थाओं के अंतरापृष्ठ पर घटित नहीं होता है।


अभिक्रिया में उत्प्रेरक में किस प्रकार का परिवर्तन होता है?

  1. भौतिक
  2. गुणात्मक
  3. रासायनिक
  4. मात्रात्मक

जब गोल्ड सॉल में जिलेटिन मिलाया जाता है तो क्या होता है?


आइसक्रीम में जिलेटिन, जो कि पेप्टाइड होता है, मिलाया जाता है। इसे क्यों मिलाया जाता होगा?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×