मराठी

सोचो, अगर वह पुल नहीं होता, तो क्या-क्या परेशानियाँ होतीं? कुछ अन्य तरीके देखें, जिनसे बच्चे स्कूल पहुँचते हैं। - Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

सोचो, अगर वह पुल नहीं होता, तो क्या-क्या परेशानियाँ होतीं? कुछ अन्य तरीके देखें, जिनसे बच्चे स्कूल पहुँचते हैं।

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

यदि पुल नहीं होते तो हमें नदी को पार करने में काफी दिक्कत आती। हमें नाव से नदी पार करना होता, जिसमें समय भी अधिक लगता तथा दिक्कतें भी होतीं।

shaalaa.com
चलो, चलें स्कूल!
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: चलो, चलें स्कूल! - करके देखो [पृष्ठ ४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
पाठ 1 चलो, चलें स्कूल!
करके देखो | Q 7 | पृष्ठ ४

संबंधित प्रश्‍न

अंदाज़ा लगाओ, इस पुल को एक समय पर कितने लोग पार कर सकते हैं?


अगर तुम्हें मौका मिले, तो तुम कौन-से पुल से जाना चाहोगे? क्यों?


पानी पार करने के और क्या तरीके हो सकते हैं?


बैलगाड़ियों में किस प्रकार के पहिये होते हैं?


क्या तुम कभी घने जंगल या ऐसी किसी जगह से गुज़रे हो? कहाँ?


क्या तुम कुछ पक्षियों को उनकी आवाजों से पहचान सकते हो? कितनों की आवाज खुद निकाल सकते हो? आवाज़ निकालो।


क्या ऐसी जगहों पर हमेशा ही बर्फ़ रहती है? क्यों?


क्या स्कूल पहुँचने में तुम्हें भी कोई परेशानी होती है?


मैदान में या स्कूल में किसी खुली जगह पर सब बच्चे इकट्टे हो जाओ। अब नीचे दी गई स्थितियों में तुम कैसे चलोगे, करके दिखाओ।

  1. अगर ज़मीन एकदम गुलाब की पंखुड़ियों जैसी हो।
  2. अगर ज़मीन काँटों-भरे मैदान में बदल गई हो और आस-पास ऊँची-ऊँची घास हो।
  3. अगर ज़मीन ठंडी-ठंडी बर्फ से ढँक गई हो।

क्या हर बार तुम्हारी चाल बदली? चर्चा करो।


यदि तुम्हारा ऐसी किसी घटना से सामना हो तो तुम किसे बताओगे?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×