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प्रश्न
संवदिया कि क्या विशेषताएँ हैं और गाँववालों के मन में संवदिया की क्या अवधारणा हैं?
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उत्तर
संवदिया कि विशेषताएँ इस प्रकार हैं-
- दिए गए संवाद को जैसे है, वैसा ही बोलना पड़ता है।
- संवाद के साथ भावों को भी वैसे का वैसा बताना पड़ता है।
- संवाद को समय पर पहुँचाना एक संवदिया की विशेषता होती है।
- संवदिया को भावनाओं में नहीं बहना चाहिए। उसे संवाद को भावनाओं से अलग रखना चाहिए।
- उसे मार्ग का ज्ञान होना चाहिए।
- संवाद को पहुँचाने में गोपनियता बहुत आवश्यक है।
गाँववालों के मन में अवधारणा है कि संवदिया एक कामचोर, निठल्ला तथा पेटू आदमी होता है, जिसके पास कोई काम नहीं होता, वह संवदिया बन जाता है।
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