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इस पंक्ति की व्याख्या कीजिए - हरगोबिन ने देखी अपनी आँखों से द्रौपदी की चीरहरण लीला।

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प्रश्न

इस पंक्ति की व्याख्या कीजिए -

हरगोबिन ने देखी अपनी आँखों से द्रौपदी की चीरहरण लीला।

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उत्तर

हरगोबिन ने स्वयं बड़ी हवेली के बँटवारे की घटना देखी थी। बड़े भैया की मृत्यु के बाद तीनों भाइयों ने घर की हर वस्तु का हिस्सा बाँट लिया। यहाँ तक कि उन्होंने बड़ी बहू के कपड़ों और गहनों तक का भी बँटवारा कर दिया। उनका व्यवहार इतना स्वार्थपूर्ण था कि उन्होंने एक बनारसी साड़ी के भी तीन भाग कर दिए।

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संवदिया
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पाठ 2.03: फणीश्वरनाथ 'रेणु' (संवदिया) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ८७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 [English] Class 12
पाठ 2.03 फणीश्वरनाथ 'रेणु' (संवदिया)
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. (ख) | पृष्ठ ८७

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