Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अल्पानामपि - ______
Advertisements
उत्तर
अल्पानामपि – अल्पानाम् + अपि।
संबंधित प्रश्न
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
तुरगः = ______
विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत।
उपकारकम् × ______
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
पुरतः × ______
उद्याने ______ वृक्षाः सन्ति।
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
अहं प्रसन्ना भविष्यामि । (लृट् स्थाने लिङ् प्रयोगं कुरुत ।)
सन्धिविग्रह कुरुत।
उदर एव ।
सन्धिविग्रह कुरुत।
पुरोहितोऽवदत्।
प्रश्रनिमांण करुत ।
शृगालः मृगेण सह मित्रताम् एच्छत् |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
वयम् आनन्देन एकत्र निवसामः। (लटलकारस्थाने लङ्लकार योजयत।)
मञ्जूषात: उचितं शब्दं चित्वा तालिकां पूरयत
| नीतिनिपुणाः | ______ | ______ | वा| |
| ______ | समाविशतु | ______ | वा| |
| ______ | अचचैव | ______ | वा| |
(निन्दन्तु, गच्छतु, युगान्तरे, मरणम्, लक्ष्मी:, स्तुवन्तु ।)
समासविग्रहं कुरुत-
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चिन्ताकुल : | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्षुद्रबुद्धिः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| अपरिचितः | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| भुजगयमिता: | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्रियासिद्धिः | ______ | _____ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं किम् इच्छसि? (‘त्वम्’ इत्यस्य स्थाने ‘भवान्’ इति योजयत।)
नामतालिकां पूरयत ।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | बलवत : | द्वितीया |
क्रियापदतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
| ______ | जीवत: | ______ | प्रथमः | लट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
| ______ | ______ | अभाषध्वम् | मध्यमः | लङ् |
क्रियापदतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
| मुज्चानि | ______ | ______ | उत्तमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| भक्तिरसार्णवः | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठनम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| शिशिर ऋतुः | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | शाखिनौ | ______ | प्रथमा |
तालिकां पूरयत
| धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| भुज् (७ उ.) | खादति | लट् विधिलिङ् |
______ भुञ्जीत | भुञ्जाथे भुञ्जीयाताम् |
भुङ्ग्ध्वे ______ |
तालिकां पूरयत
| धातवः | अर्थ : | लकार: | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ज्ञा (९ उ.प.) | अवगच्छति | लट् लोट् | जानीते ______ | जानाते जानावहै |
______ जानामहै |
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
वाचनेनैव ।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अहं बालैः सह पत्रक्रीडायां मनः आसम् ।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
गौः मञ्चं समागता ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
पत्रक्रीडायां मनः आसम् अहम् । (बहुवचने लिखत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
प्रेक्षकाः मां निघृणं ताडितवन्तः । (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत ।)
नाम-तालिकापूर्ति कुरुत
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | गृध्रौ | ______ | द्वितीया |
नाम-तालिकापूर्ति कुरुत
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | ______ | धन्विभ्यः | पञ्चमी |
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | ______ | ताः | प्रथमा |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
माता आर्याम्बा पुत्रस्य विवाहविषये सदैव चिन्तयति स्म।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
आचार्यः स्तोत्रं रचितवान् ।
समासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सद्गुणसम्पत्तिः | ______ | ______ |
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| बालवीरचमूः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| वनस्पतिगतः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| गृध्रराज : | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| गृहस्थ: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पूर्णानदी | ______ | ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
याचतेऽयम् = याचते + ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
प्रसादेन संस्कृतस्य अध्ययनं शालायां कृतम् ।
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| आ + रुह्- रोह् (१ प.प.) | ______ | आरूढवान् | ______ | आरोहन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| लिख् (२ प. प.) | लिखितः | ______ | लेखितव्यः | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शसेव्यःतृ / शानच् |
| सेव् (१ आ. प.) | सेवितः | सेवितवान् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| रामाभिषेकः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पशुपतिः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| समुद्रसुता | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| प्रतीक्षालयः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अभ्युदयकृत् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सावधानमनः | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत ।
| एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
| विद्युति | ______ | ______ | सप्तमी |
सर्वनामतालिकां पूरयत ।
| एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
| ______ | ______ | युष्मान् / वः | द्वितीया |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| ______ | यच्छतः | ______ | परथमः | लट् |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| ______ | स्तम् | ______ | मध्यमः | लोट् |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| ______ | ______ | गमिष्यामः | उतमः | लट् |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
त्र्यशीतिः - ______।
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
सप्तनवतिः
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
षण्णवतिः - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
१०० - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
३२ -______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
३८ - ______
समानार्थकशब्दान् लिखत।
गृहम् - .......।
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
३०
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नव
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
एकोनसप्ततिः -
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
मञ्जूषात: क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - आनयति, हत:, अगच्छत्, कर्तव्यम्, भवेत्)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
कुसुमम् = ______।
